यूपी में अगले विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी कौन होगा इसका ऐलान भाजपा ने अभी भले ही न किया हो, लेकिन पार्टी ने संभावित नामों पर मंथन कर लिया है। चर्चा इस बात की है कि पार्टी की ओर से यूपी सीएम के संभावित नामों की सूची अभी हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भेज दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले दिनों भागवत ने कानपुर में आरएसएस की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के एक बड़े मंत्री के समक्ष यूपी सीएम के संभावित प्रत्याशियों के नामों की सूची देने को कहा था। हालांकि भाजपा नेता इस बारे में कुछ भी कहने से अभी बच रहे हैं।
इलाहाबाद में जून माह में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से इस बात की चर्चा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में पार्टी मुख्यमंत्री के लिए किसे दावेदार बनाएगी। हालांकि कार्यकारिणी की बैठक में इसे लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद कानपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की और उसके बाद झांसी में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भी सीएम प्रत्याशी के संभावित नामों पर चर्चा हुई।
सपा, बसपा और कांग्रेस द्वारा सीएम पद के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के बाद अंदर ही अंदर भाजपा में भी दबाव बन गया है कि वह भी अपने प्रत्याशी का नाम घोषित करे। इस बीच आरएसएस ने भी सीएम पद के दस संभावित उम्मीदवारों के नाम पार्टी के राष्ट्रीय संगठन से मांग लिए। बताया जा रहा है कि पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए जो दस संभावित उम्मीदवारों के नाम भेजे गए हैं, उसमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं लखनऊ के महापौर दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, सांसद वरुण गांधी, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, सांसद योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी एवं उमा भारती के नाम शामिल है।
चर्चा है कि आरएसएस अब इन नामों पर लोगों का फीडबैक जानने के लिए अपने स्वयंसेवकों की मदद लेगा। हालांकि भाजपा नेता इस बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य से दस संभावित नामों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड ही सीएम प्रत्याशी का नाम तय करेगा।