इलाहाबाद। शहर में वर्षों से बंद पड़े सिनेमाघर जल्द ही फिर खुल जाएंगे। पुराने पिक्चर हॉल को तोड़कर नया सिनेमाघर एवं उसके साथ कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाने और लगातार पांच वर्षों तक टैक्स में छूट दिए जाने के कैबिनेट के फैसले के बाद इलाहाबाद में बंद पड़े सिनेमाघरों को खोलने के लिए फाइलें तैयार होने लगी हैं। सबसे पहले लक्ष्मी टॉकीज और विश्वामित्र सिनेमाघर खुलने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार ने नए मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों को पांच साल तक टैक्स में छूट की सुविधा दे रखी है ,लेकिन सिंगल स्क्रीम सिनेमाघरों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं थी। ऐसे में घाटे में चल रहे तमाम सिनेमाघर बंद हो गए। इलाहाबाद में वर्तमान में लक्ष्मी टॉकीज, विश्वामित्र, काजल, निरंजन, पुष्पराज, विश्वंभर, रूपबानी वर्षों से बंद पड़े हुए हैं।
सिनेमाघर की इमारत तोड़ने पर प्रतिबंध है, सो इनमें से कुछ सिनेमाघरों की इमारतें अब खंडहर नुमा हो गई हैं। लंबे अर्से से मांग की जा रही थी कि बंद पड़े सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों को भी दोबारा खोलने पर पांच साल तक टैक्स में छूट दी जाए ताकि सिनेमाघर को दोबारा नए रंग-रूप में खोलने और कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स के निर्माण पर हुए खर्च को टैक्स के साथ समायोजित किया जा सके और सिनेमाघर दोबारा खोलने पर नुकसान न हो।
प्रदेश की कैबिनेट में सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों को यह सुविधा दिए जाने का निर्णय होने के बाद इलाहाबाद में भी बंद पड़े सिनेमाघरों को दोबारा खोलने की कवायद तेज हो गई है। मनोरंजन कर विभाग के सूत्रों के मुताबिक लक्ष्मी टॉकीज और विश्वामित्र सिनेमाघर को दोबारा खोले जाने के लिए फाइलें तैयार होने लगी हैं और सिनेमाघर के संचालक भी इस सुविधा के साथ सिनेमाघर का संचालन दोबारा शुरू करने के लिए राजी हैं। जहां तक अन्य सिनेमाघरों की बात है तो काजल को दोबारा खोले जाने की संभावना सबसे अधिक है।