गंगा में तैरती लाश (फाइल फोटो)
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जलस्तर बढ़ने से शनिवार को भी गंगा में कटान का सिलसिला जारी रहा। तटों पर कटान के बाद रेत हटने से सुबह फाफामऊ श्मशान के निकट दो शव दिखने लगे। नगर निगम प्रशासन को जानकारी मिली तो जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह तत्काल टीम के साथ पहुंच गए। निगरानी समिति के सदस्यों ने भी रेत हटने से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। जोनल अधिकारी ने सुबह रीति-रिवाज के साथ दोनों शवों का अंतिम संस्कार करवा दिया। इसके बाद दोपहर के वक्त फिर कटान से प्रभावित घाट पर दो और शव देखे गए। इसके बाद उन दोनों शवों को भी मजदूरों की मदद से बाहर निकलवा कर अंतिम संस्कार कराया गया।
जोनल अधिकारी ने चिताएं सजवाने के बाद श्राद्ध बी कराया। इस दौरान चंदन की लकड़ी और घी चिताओं पर अर्पित करने के बाद उन्होंने बारी-बारी से मुखाग्नि दी। सुबह आठ बजे पहले दो शवों का दाह संस्कार किया गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद फाफामऊ श्मशान घाट पर कटान हो रही है। पिछले चार दिनों में अब तक करीब आठ फीट से अधिक गंगा का किनारा कटान में समाहित हो चुका है। कटान से रेत में दफन शवों के अंगों के दिखने के बाद घाट और आसपास के इलाकों में लोग सकते में आ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर नगर निगम प्रशासन ने ऐसे शवों का विधिवत अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया था।
घाटों पर बढ़ी निगरानी, ताकि गंगा में न बहने पाएं शव
गंगा घाटों पर कटान के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है। नगर निगम निगरानी समिति के सदस्यों के अलावा कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि एक भी शव गंगा में बहने न पाएं। रेत से बाहर आ रहे शव गंगा में न बहें और चील, कौए नोचने पाएं, इसके लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। ऐसे शवों का नगर निगम की ओर से अंतिम संस्कार कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
फाफामऊ श्मशान घाट के निकट रेत में दफन शवों के बाहर दिखने के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से मंथन किया गया। पहले ऐसे शवों का सामूहिक तौर पर एक साथ अंतिम संस्कार कराने की बात कही गई थी, लेकिन फिर नगर आयुक्त रवि रंजन ने बारी-बारी से एक-एक शवों का दाह संस्कार कराने का निर्णय लिया। अब वहां कर्मकांड के साथ चिताएं सजाकर अंतिम संस्कार कराया जा रहा है। -नीरज कुमार सिंह, जोनल अधिकारी, फाफामऊ-नगर निगम।