नैनी (इलाहाबाद)। अरैल घाट पर रविवार सुबह नहाते समय तीन दोस्त डूबने लगे। उनमें दो युवकों को बचा लिया गया जबकि एक की डूबने से मौत हो गई। मल्लाहों ने युवक का शव बाहर निकाला। खबर पाकर नैनी थाने की पुलिस के साथ ही मृतक के परिवार के लोग भी आ गए। गम में डूबे परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को साजिशन घर से बुलाकर लाने के बाद घाट पर पीटा गया फिर उसे गहरे पानी में खींचकर डुबो दिया।
विवेक गिरि (28) औद्योगिक क्षेत्र में पूरा पांडेय सड़वा कला गांव का रहने वाला था। उसके पिता गुलाब गिरि का देहांत हो चुका है। चार भाइयों में छोटा विवेक घर में ही जनरल स्टोर खोलकर पत्नी प्रतिमा और साल भर के बेटे श्रेयांश का गुजारा करता था। अपने पड़ोस में रहने वालों राकेश भारतीय और इंद्रदेव मौर्या से उसकी दोस्ती थी। विवेक के परिजनों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे वह दुकान में बैठा था तभी इंद्रदेव और राकेश आए और उसे जरूरी काम से कहीं चलने के लिए कहा। फिर विवेक की ही बाइक पर वे तीनों वहां से रवाना हो गए। घंटे भर बाद विवेक के घरवालों को उसके अरैल घाट पर गंगा में डूबने की खबर मिली। भाई राजेश समेत गांव के लोग घाट पर पहुंचे तो वहां भीड़ लग लगी थी।
घटना की जानकारी पाकर नैनी थाना प्रभारी इंद्रजीत चतुर्वेदी भी पहुंच गए। उन्होंने मल्लाहों को विवेक की तलाश में गहरे पानी में उतारा और उसके दोस्तों तथा घाट पर मौजूद रहे लोगों से बात की। राकेश और इंद्रदेव ने तो कहा कि वे तीनों नहा रहे थे तभी गहरे पानी में जाकर उतराने लगे। मल्लाहों ने उन दोनों को बचा लिया लेकिन विवेक गंगा में समा गया। कुछ देर बाद गोताखोरों ने विवेक की लाश बाहर निकाली। उसके शरीर पर टी-शर्ट और लोवर थी। जेब में चाभी भी मिली। शव देख आक्रोशित परिजनों ने दावा किया कि घाट पर कई लोगों ने उनसे बताया है कि राकेश और इंद्रदेव ने विवेक को जबरन गंगा में खींचा। वह तो पानी से घबराता था। खुद नहाने के लिए गया होता तो कपडे पहनकर जेब में चाभी रखे हुए पानी में न जाता। यह भी पता चला है कि विवेक के साथ मारपीट भी की गई। कई चश्मदीदों ने भी इस बारे में बताया। ऐसे में परिजनों ने शक जताया है कि विवेक को साजिशन घर से लाकर डुबोकर मारा गया है। पुलिस ने राकेश और इंद्रदेव को हिरासत में लेकर विवेक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।