रविवार को शंखा रोड से सटे फैक्टरी के गेट तक मिले तमाम पगमार्क
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रबर और कोयला प्लांट में लगे कैमरों में भी दिखी, गांवों में बढ़ी दहशत
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में चार महीने से ज्यादा वक्त से ठिकाना बनाए बाघिन की रविवार को बाहर सड़क तक चहलकदमी के प्रमाण मिलने के बाद वन विभाग के अफसरों के होश उड़ गए हैं। कयास लगाया जा रहा है कि बाघिन की आवाजाही का दायरा बढ़ता जा रहा है। इससे उसके किसी पर हमला करने का भी खतरा बढ़ गया है। हाईवे पर पहुंचने की स्थिति में खुद उसके ट्रैफिक की चपेट में आने की भी आशंका महसूस की जा रही है। अफसरों का कहना है कि अगर बाघिन की मौजूदगी वाली जगह का लगातार पता लगता रहा तो उसे पकड़ने के लिए विशेषज्ञों को दोबारा बुलाया जाएगा।
वन विभाग की टीम ने रविवार को रबर फैक्टरी में लगे कैमरे चेक किए तो कई स्थानों पर बाघिन की फुटेज उनमें मिली। डीएफओ भरतलाल के मुताबिक बाघिन की फुटेज रबर और कोयला प्लांट में मंदिर के पास लगे कैमरे में शनिवार रात करीब एक बजे और फिर 1.58 बजे देखी गई है। ये सभी कैमरे उस रास्ते पर लगे है जो अगरास-शंखा रोड की ओर जाता है। हाईवे पर खुलने वाले गेट के आसपास भी अच्छी-खासी तादाद में बाघिन के पगमार्क देखे गए हैं। इससे साफ हो गया कि बाघिन ने अपनी चहलकदमी का दायरा बढ़ा दिया है। ऐसे में उसके रबर फैक्टरी के आसपास खेतों में भी पहुंचने की आशंका महसूस होने लगी है।
अगरास-शंखा रोड पर रबर फैक्टरी के गेट पर पगमार्क मिलने से कयास लगाया जा रहा है कि रात में बाघिन रबर फैक्टरी से बाहर जाकर चहलकदमी करती है और रात में ही फैक्टरी में लौट जाती है। रबर फैक्टरी के बाहर बाघिन की चहलकदमी का पता लगने से आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई है।