इलाहाबाद। कोहरा और नमी के बीच बढ़ी ठंड से बच्चों, बुजुर्गों पर आफत आ गई है। ठंड से कंधे, कूल्हे, हाथ, पैरों के जोड़ जाम होने लगे है।
हृदयघात, मस्तिष्कघात, सांस सहित कई क्रानिक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सामान्य दिनों के मुकाबले बेली, कॉल्विन, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय सहित निजी अस्पतालों में शुक्रवार को अधिक मरीज पहुंचे। ठंड जारी रही तो आने वाले दिनों में कोल्ड स्ट्रोक का खतरा और बढ़ जाएगा।
बेली अस्पताल के अधीक्षक डॉ. यूसी द्विवेदी कहते हैं कि शुक्रवार को फिजीशियन, आर्थोपेडिक, चेस्ट रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में दस फीसदी अधिक मरीज पहुंचे। बच्चों में तेज सांस चलने, नाक बहने, बुखार, डायरिया, सीने में संक्रमण की शिकायत अधिक देखने को मिली। चिल्ड्रेन अस्पताल में भी ऐसा ही नजारा रहा। चिल्ड्रेन अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक डायरिया, चेस्ट इंफेक्शन के मरीजों को भर्ती किया गया है। उधर, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भी सामान्य फिजीशियन, आर्थोपेडिक, चेस्ट रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भीड़ देखी गई। आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. केके द्विवेदी कहते हैं कि जोड़ों की समस्या लोगों में बढ़ गई है। ओपीडी में भी एक महीने पहले के मुकाबले दोगुने मरीज पहुंच रहे हैं। कॉल्विन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एआर सिंह कहते हैं कि ठंड बनी रही तो कोल्ड स्ट्रोक का खतरा बना रहेगा।
बचाव के उपाय
- शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर रखें
- बच्चों और बुजुर्गों के कमरों को गर्म रखें
- कान और पैर के तलवे खुला न रखें
- सुबह कोहरे में टहलने से बचें
- नियमित व्यायाम करें
- गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें
- खाली पेट बाहर न निकलें
- बीमार होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं