Kaushambi Road accident
- फोटो : अमर उजाला
शहजादपुर गांव निवासी मोहन लाल के बेटे पंकज अग्रहरि की मंगलवार को बरात देवीगंज गई थी। बरात में शामिल दूल्हे की बहन शशि, भांजा ओम, चाची प्रकाशनी, चचेरी बहन ऋचा, मामी पूनम व ममेरी बहन मुस्कान सहित आठ लोग स्कार्पियो से घर लौट रहे थे। देवीगंज के समीप बुधवार भोर में स्कार्पियो के ऊपर गिट्टी का चूरा लदा ओवरलोड ट्रक पलट गया था।
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बुधवार शाम को ही सभी शवों का अंतिम संस्कार किया गया गया। शशि के पति रमेश गुप्ता ने अपनी पत्नी व बेटी का दाग प्रयागराज स्थित आवाज में दे रखा है। शहजादपुर गांव में चाचा बसंत लाल ने अपनी पत्नी प्रकाशनी व बेटी नेहा व मामा हनुमान प्रसाद ने अपनी पत्नी पूनम व बेटी मुस्कान का दाग दिया है। पंकज के पड़ोस में रहने वाली सोनू तिवारी की बेटी सीमा भी हादसे में मौत का शिकार हुई है।
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शहजादपुर गांव में ही एक साथ पांच लोगों के शव को जलाया गया। इसी कारण पंकज की पत्नी विमला को डोली ससुराल नहीं आ सकी। गेस्ट हाउस से ही उसके घरवाले विमला को अपने साथ मायके ले गए हैं। वैदिक रीति के अनुसार दुल्हन का पहली बार ससुराल में कदम पड़ने के बाद ही मंडप में पूजा, परिवार के साथ भोजन और अन्य रस्मों के साथ ही दुल्हन का गृह प्रवेश शुभ माना जाता है। लेकिन, हादसे के बाद मजबूरी में परिवार की महिलाओं ने बृहस्पतिवार को बिना दुल्हन के आए ही मंडप का विर्सजन कर दिया।