120 छात्रों से हुई थी शुरुआत, अब 2200 विद्यार्थी
राज्य विश्वविद्यालय की शुरुआत जून 2016 में सिविल लाइंस स्थित सीपीआई परिसर से हुई थी, जो अब नैनी स्थित सरस्वती हाईटेक परिसर में जा चुका है। विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर 120 एकड़ में फैला है। वर्ष 2019 में इसे राज्य विश्वविद्यालय से प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) विश्वविद्यालय कर दिया गया। विश्वविद्यालय में कला वर्ग के छह विषयों से शिक्षण सत्र की शुरुआत हुई थी, जिनमें 120 विद्यार्थियाें ने दाखिला लिया था। वर्तमान में 39 पाठ्यक्रमों में कुल 2200 छात्र-छात्राएं हैं। जबकि विश्वविद्यालय से वर्तमान में प्रदेश के 740 कॉलेजों के लगभग पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
विवि की खास बातें
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू
- अनुसंधान गतिविधियों के लिए अनुसंधान एवं परामर्श नीति
- शोध एवं अनुसंधान के लिए 10 करोड़ रुपये की अक्षय निधि
- एक विभाग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा
- अब तक 110 से अधिक शोधपत्र एवं 23 पुस्तकों का प्रकाशन
- छात्रावास एवं अतिथि गृह
- खेलों के लिए स्टेडियम, उच्चस्तरीय लाइब्रेरी, आईटी सेंटर
- 56 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ अनुबंध
- अंकपत्र, प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
- 10 वर्षीय विजन दस्तावेज तैयार करना
बोले कुलपति
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के मार्गदर्शन में छात्र सुविधाओं के लिए विश्वविद्यालय लगातार काम कर रहा है। विश्वविद्यालय के लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि पहले ही प्रयास में नैक ने ए ग्रेड प्रदान किया है। हमारा अगला लक्ष्य इससे भी बेहतर ग्रेड हासिल करना है। - प्रो. अखिलेश सिंह, कुलपति, प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय।