जिलेभर में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। अफसरों ने लोगों की शिकायतें सुनीं फिर आश्वासन देकर घर भेज दिया। कई थानों पर एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी समेत अन्य अफसर पहुंचे लेकिन शिकायतों का निस्तारण न करा सके। वहीं, शिकायतों के ढेर में फरियादी समाधान खोजते नजर आए। कई लोग तो दफ्तर के चक्कर लगाते-लगाते थक गए लेकिन समाधान न हो सका।
उतरांव थाने में नहीं पहुंचे राजस्व अफसर और कर्मचारी
थाना उतरांव में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में राजस्व विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी नहीं पहुंचा। इस वजह से लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। वहीं, करछना में राजस्व से जुड़ी चार शिकायतें आईं लेकिन मौके पर किसी का निस्तारण नहीं हो सका।
समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहीं नायब तहसीलदार संध्या गोस्वामी ने लोगों की समस्याएं सुनीं और अफसरों को निर्देशित किया। जगौती गांव निवासी जगदीश कुमार पटेल ने सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की।
10 शिकायतें आईं, छह का निस्तारण
थाना घूरपुर में समाधान दिवस का नेतृत्व बारा एसडीएम अतुल कुमार ने किया। समाधान दिवस में 10 शिकायतें आईं, इसमें से छह का निस्तारण कराया गया।
दो मामले निपटाए गए
थाना परिसर में एसडीएम फूलपुर हीरालाल सैनी की अध्यक्षता में शिकायतें सुनी गईं। यहां छह में से दो शिकायतों का निस्तारण किया गया। बाकी चार शिकायतों के लिए पुलिस के साथ राजस्व टीम का गठन किया गया।
आश्वासन के भरोसे लौटे शिकायतकर्ता
थाना परिसर नवाबगंज में समाधान दिवस की अध्यक्षता थाना प्रभारी पंकज अवस्थी ने की। इस दौरान 15 शिकायतें आईं। सिर्फ एक का निस्तारण किया गया। जबकि 14 लोगों को आश्वासन के भरोसे लौटना पड़ा। वहीं, कौंधियारा थाना परिसर में चार शिकायतें पहुंचीं लेकिन किसी का भी समाधान नहीं किया जा सका। इस बार भी लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
लोगों का आरोप है कि शिकायतें दर्ज होने के बाद भी कई मामलों में समय से जांच और कार्रवाई नहीं होती है। ग्रामीणों ने कहा कि जमीन, रास्ते, कब्जे और आपसी विवाद से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए उन्हें बार-बार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।