वन विभाग ने चपरासी को मौके पर भेजकर झाड़ा पल्ला
शाही। आठ दिन के बाद तेंदुआ फिर एक घर में घुसकर बकरी खींच ले गया। शोर मचने पर तमाम ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने लाठी डंडे लेकर तेंदुए का पीछा किया तो आधा किलोमीटर दूर खेत में बकरी को जख्मी हालत में छोड़कर जंगल में भाग गया। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी, लेकिन अफसरों ने मौके पर चपरासी को भेजकर पल्ला झाड़ लिया।
थाना क्षेत्र के गांव बडे़पुरा और तुरसा पट्टी के बीच बुधवार शाम करीब सात बजे गन्ने के खेत में तेंदुआ दिखा तो तमाम ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ खेतों की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों की भीड़ देख तेंदुआ बड़ेपुरा गांव से आगे पट्टी गांव की ओर पहुंच गया। रात करीब 10 बजे सोमपाल के घर में घुसकर बकरी को खींच ले गया। बकरी के मिमियाने की आवाज सुनकर सोमपाल ने शोर मचाया तो गांव वाले लाठी-डंडे लेकर तेंदुए के पीछे दौड़ पड़े। इस पर तेंदुआ करीब आधा किलोमीटर आगे बकरी को खेत में छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि रात में कई बार तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। बकरी के गले में तेंदुआ के दांत गड़ गए हैं। सोमपाल ने सूचना वन विभाग को दी तो चपरासी को गांव में भेज दिया गया। चपरासी ने भेड़िये के बकरी को ले जाने की बात कहकर ग्रामीणों के तेंदुआ देखे जाने के दावे को नकार दिया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों गांवों में तेंदुआ दिखने से लोग भयभीत हैं। वे बच्चों और महिलाओं को खेतों की ओर नहीं जाने दे रहे हैं, जबकि यह धान रोपाई का समय है।