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कोच में आया धुआं तो बज जाएगा अलार्म

Fri, 08 Apr 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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गत‌िमान एक्सप्रेस
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ट्रेनों में आग की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने एक खास व्यवस्था की है। इसके लिए रेल प्रशासन 2750 कोचों में स्मोक डिटेक्शन सिस्टम लगाने जा रहा है। प्रयोग के तौर पर यह सिस्टम इलाहाबाद से गुजरने वाली नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस में लगाया जा चुका है। रेलवे की मंशा है कि अगर ट्रेनों में कोई ध्रूमपान कर रहा है या फिर किसी कारण से धुआं आ गया तो स्मोक डिटेक्शन सिस्टम की मदद उसकी जानकारी तुरंत ही मिल जाएगी। अभी यह सिस्टम एसी कोच, एसएलआर कम गार्ड कोच और पैंट्रीकार में लगाए जाएंगे। 
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बता दें कि बीते कुछ सालों के दौरान ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। आग लगने की घटनाओं से रेलवे को काफी नुकसान भी झेलना पड़ा। आगजनी की घटनाओं से ट्रेनों के एसी कोच कुछ ज्यादा ही प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए रेलवे ने थर्ड एसी कोच से काफी पहले पर्दे भी हटवा दिए। इतना ही नहीं भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे एक नई तकनीक पर काम किया है। यह एक ऐसी तकनीक है जो आग लगने की घटना के बाद जहां यात्रियों को आगाह कर देगी तो वहीं चलती ट्रेन के ब्रेक भी लग जाएंगे। रेलवे के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गनाईजेशन (आरडीएसओ) ने इस तकनीक का प्रयोग भी किया है। इस पूरे सिस्टम को स्मोक डिटेक्शन सिस्टम का नाम दिया गया है।

पहले चरण में नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी, नई दिल्ली-जम्मूतवी राजधानी और दक्षिण भारत में तिरुपति से काचीगेदा के बीच चलने वाली डबल डेकर ट्रेन में यह सिस्टम लगाया गया है। प्रयोग सफल होने के बाद रेलवे अब 2750 और कोचों में भी इस सिस्टम को लगाने जा रहा है। इस तकनीकी के तहत अगर  सेंसर के जरिए हवा में तेज गरमी एवं धुआं जैसे ही तेज होगा वैसे ही ट्रेन में एलार्म बजना शुरू हो जाएगा। इस व्यवस्था से यात्रियों के साथ ही ट्रेन में मौजूद रेलकर्मियों भी सतर्क हो सकेंगे। उत्तर मध्य रेलवे की प्रमुख ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस, नई दिल्ली दूंरतो, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, इलाहाबाद-जयपुर, संगम एक्सप्रेस के एसी कोच में भी स्मोक डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे। 
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‘भुवनेश्वर और जम्मूतवी राजधानी एक्सप्रेस में इस तकनीक का प्रयोग हुआ है। यह बेहतर तकनीक है। निकट भविष्य में ज्यादातर ट्रेनों में इस तकनीक का प्रयोग होगा।’
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00 नीरज शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे।
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