अविरल का एक रिसर्च पेपर यूरोपियन फिजिक्स जर्नल प्लस व दूसरा पेपर यूके के जर्नल ऑफ फिजिक्स जी ने प्रकाशित किया। इस शोध के आधार पर स्विटजरलैंड की सर्न लैब के एक ग्रुप डेजी सीएमएस ने आगे के शोध के लिए अविरल को गेस्ट साइंटिस्ट के रूप में चुना है। सर्न लैब ने वर्ष 2012 में गॉड पार्टिकल की खोज की थी।
अविरल जर्मनी के डेजी सीएमएस में हैवी क्वार्क पर काम करेंगे, जो ब्रह्मांड का सबसे छोटा अणु है। इस अणु के विश्लेषण के दौरान अविरल ने अपने शोध में जिस विधि का इस्तेमाल किया था, उसका उपयोग भी किया जाएगा। शोध में पता लगाया जाएगा कि बिग बैंग की घटना कब, क्यों और कैसे हुई। इसके बाद बाद पता लगाया जाएगा यह ब्रह्मांड कैसे बना और किस तरह ब्रह्मांड पर जीवन पनपा।
यूनिवर्सिटी ऑफ हैंबर्ग देगी पीएचडी की डिग्री
अविरल का सर्न लैब के ग्रुप डेजी सीएमएस के साथ एक्सपेरिमेंटल कॉन्ट्रैक्ट हुआ है लेकिन सर्न लैब पीएचडी की डिग्री नहीं देती है। इस शोध के लिए अविरल को यूनिवर्सिटी ऑफ हैंबर्ग की ओर से पीएचडी की डिग्री दी जाएगी।
एक पद के लिए दुनिया भर से आए आवेदन
सर्न लैब के ग्रुप डेजी सीएमस में गेस्ट साइंटिस्ट का केवल एक पद था, जिसके लिए दुनिया भर से आवेदन आए थे। इसके लिए नवंबर-2024 में इंटरव्यू हुआ था, जिसमें इविवि के विद्यार्थी अविरल अखिल को इस पद के लिए चयनित किया गया।