दो से 12 हजार तक के आइटम
प्रदर्शनी में अलग-अलग मूल्य वर्ग के उत्पादों की बड़ी रेंज शामिल है। यहां घर में रोजाना इस्तेमाल होने वाले दो रुपये के मिट्टी दीये से लेकर 12 हजार की तारकशी पेंटिंग तक मौजूद है। 5100 रुपये मूल्य की गाजियाबाद जेल में बनी संगम तट की पेंटिंग अपनी खूबसूरती यहां आने वाले हर शख्स को अपनी ओर खिंचे चले आने पर मजबूर कर देती है। 11 जनवरी से अब तक प्रदर्शनी में 2.40 लाख की बिक्री हो चुकी है। यह राशि संबंधित जेल के खाते से होकर उस बंदी के कल्याण कोष में जमा कराई जाएगी, जिसके बनाए उत्पादों की बिक्री हुई है।
किचन के सामान संग खिलौने भी
प्रदर्शनी में जो अन्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, उनमें नैनी जेल में बने किचन आइटम्स से लेकर झांसी जेल में निर्मित सॉफ्ट खिलौने आदि शामिल हैं। इसी तरह बरेली जेल में बनी फोल्डिंग चेयर, चित्रकूट जेल में बनाए गए महाकुंभ के कुर्ते, फतेहगढ़ जेल में बनी दरी, प्रतापगढ़ जेल में बने आंवला फूड प्रोडक्ट, नैनी जेल में बना सोफा आदि भी देखने वाले का मन मोह रहे हैं।