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Mahakumbh : हैरान कर रहा सलाखों में कैद हाथों का हुनर, 27 जेलों में बने 150 उत्पादों की लगाई गई प्रदर्शनी

Thu, 23 Jan 2025 04:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

महाकुंभ में प्रदेश के 27 जेलों के बंदियों के बनाए गए 150 उत्पादों की प्रदर्शनी में सलाखों के पीछे कैद हाथों का हुनर हर आने-जाने वाले को हैरान कर रहा है। त्रिवेणी मार्ग पर लगी प्रदर्शनी में खाने के सामान से लेकर सजावटी आइटम्स तक रखे गए हैं। गाजियाबाद जेल के बंदियों की पेंटिंग लोगों को लुभा रही है तो आगरा जेल के बने जूते भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।
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महाकुंभ में लगी प्रदर्शनी में लगी गाजियाबाद जेल में बनाई गई पेंटिंग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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वो भले ही सलाखों के पीछे कैद हों, लेकिन उनके हुनर की उड़ान अभी बाकी है। फिर चाहे वह गाजियाबाद जेल के बंदी की महाकुंभ आधारित पेंटिंग हो या नैनी के बंदियों की ओर से तैयार किया गया वुडन मंदिर, यहां मौजूद हर उत्पाद नजर पड़ते ही मानो यही संदेश देता है।

महाकुंभ में प्रदेश के 27 जेलों के बंदियों के बनाए गए 150 उत्पादों की प्रदर्शनी में सलाखों के पीछे कैद हाथों का हुनर हर आने-जाने वाले को हैरान कर रहा है। त्रिवेणी मार्ग पर लगी प्रदर्शनी में खाने के सामान से लेकर सजावटी आइटम्स तक रखे गए हैं। गाजियाबाद जेल के बंदियों की पेंटिंग लोगों को लुभा रही है तो आगरा जेल के बने जूते भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।

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वहीं, मथुरा जेल के बंदियों के बनाए भगवान के पोशाक अपनी खूबसूरती के चलते लोगों को अपनी ओर खींच लेते हैं तो भदोही जेल के बंदियों के कालीन भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। प्रदर्शनी के प्रभारी नैनी जेल के डिप्टी जेलर शिखर कुमार कहते हैं कि बंदियों के हुनर को लोगों के सामने लाना इस प्रदर्शनी का उद्देश्य है। साथ ही यह भी बताना है कि जेल बंदियों के कौशल को निखारकर उन्हें प्रोत्साहित करने वाला स्थल भी है।

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दो से 12 हजार तक के आइटम

प्रदर्शनी में अलग-अलग मूल्य वर्ग के उत्पादों की बड़ी रेंज शामिल है। यहां घर में रोजाना इस्तेमाल होने वाले दो रुपये के मिट्टी दीये से लेकर 12 हजार की तारकशी पेंटिंग तक मौजूद है। 5100 रुपये मूल्य की गाजियाबाद जेल में बनी संगम तट की पेंटिंग अपनी खूबसूरती यहां आने वाले हर शख्स को अपनी ओर खिंचे चले आने पर मजबूर कर देती है। 11 जनवरी से अब तक प्रदर्शनी में 2.40 लाख की बिक्री हो चुकी है। यह राशि संबंधित जेल के खाते से होकर उस बंदी के कल्याण कोष में जमा कराई जाएगी, जिसके बनाए उत्पादों की बिक्री हुई है।

किचन के सामान संग खिलौने भी

प्रदर्शनी में जो अन्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, उनमें नैनी जेल में बने किचन आइटम्स से लेकर झांसी जेल में निर्मित सॉफ्ट खिलौने आदि शामिल हैं। इसी तरह बरेली जेल में बनी फोल्डिंग चेयर, चित्रकूट जेल में बनाए गए महाकुंभ के कुर्ते, फतेहगढ़ जेल में बनी दरी, प्रतापगढ़ जेल में बने आंवला फूड प्रोडक्ट, नैनी जेल में बना सोफा आदि भी देखने वाले का मन मोह रहे हैं।

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