उच्च शिक्षा निदेशक का चयन अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है। अब चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2008 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
विशेष सचिव की ओर से उच्च शिक्षा कार्यालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उच्च शिक्षा निदेशक का चयन राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत स्नातकोत्तर (पीजी) प्राचार्यों में से किया जाएगा। यह चयन लोक सेवा आयोग के पदों के लिए लागू विभागीय चयन समिति नियमावली के तहत गठित समिति द्वारा किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर को डाॅ. बीएल शर्मा को कार्यवाहक निदेशक बनाया गया था। मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में आने के बाद शासन ने संशोधित प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए एक जनवरी को नया पत्र जारी किया।
यह है पूरा मामला
31 दिसंबर को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज सेवानिवृत्त हो गए। दरअसल उच्च शिक्षा निदेशक का पद राजकीय पीजी काॅलेज के प्राचार्य के समकक्ष होता है। लेकिन शासन ने 31 दिसंबर को ही वरिष्ठता सूची दरकिनार कर सहायक निदेशक डाॅ. बीएल शर्मा को प्रभारी निदेशक पद पर तैनात कर दिया। डाॅ. बीएल शर्मा सात वर्ष से मुख्यालय में तैनात हैं। जबकि, विभागीय अधिकारियों का कहना हैं कि डाॅ. बीएल शर्मा पीजी प्राचार्य तो दूर स्नातक यूजी काॅलेज के भी प्राचार्य नहीं हैं। वह वर्तमान में प्रवक्ता के वेतनमान पद पर कार्यरत हैं।