prayagraj news : मेडिकल कालेज में टीकाकरण अभियान में शनिवार को टीका लगवाने बडी संख्या में युवतियां पहुंची।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित होने वालों में युवाओं की संख्या सबसे अधिक। तकरीबन 50 फीसदी संक्रमित 21 वर्ष से 40 वर्ष की उम्र के बीच के लोग हैं। हालांकि कोरोना से जान गंवाने वालों में 40 वर्ष से कम उम्र वालों की संख्या वाले 10 फीसदी हैं। लेकिन, पहली लहर के मुकाबले यह ज्यादा ही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 25 दिनों तक कोरोना संक्रमितों पर अध्ययन किया गया। कुल 44263 संक्रमितों में 21 वर्ष से लेकर 40 वर्ष की उम्र के बीच संक्रमित होने का आंकड़ा 50 फीसदी पाया गया। इसमें भी सबसे अधिक संक्रमित 31 वर्ष से लेकर 40 वर्ष की उम्र के बीच के लोग हैं। 27 फीसदी संक्रमित इसी आयु वर्ग के लोग हैं। जबकि 23 फीसदी में 21 वर्ष से 30 वर्ष की उम्र वाले हैं।
prayagraj news : मेडिकल कालेज में टीकाकरण अभियान में शनिवार को टीका लगवाने के बाद खुशी का इंजहार करती युवतियां।
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18 फीसदी है 51 वर्ष से लेकर 60 वर्ष की उम्र वाले
कोरोना संक्रमितों में तीसरे स्थान पर 51 वर्ष से लेकर 60 वर्ष की उम्र के लोग शामिल हैं। आंकड़े के मुताबिक संक्रमित होने वालों में इस आयु वर्ग के लोग 18 फीसदी शामिल हैं। जबकि चौथे स्थान पर 41 वर्ष से लेकर 50 वर्ष की उम्र के लोग कोरोना की चपेट में आ र हे हैं। इनका हिस्सा तकरीबन 15.83 फीसदी आया है। आठ फीसदी संक्रमित 61 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग हो रहे हैं। सबसे कम संक्रमितों की संख्या 10 वर्ष तक के बच्चों की है। उनका आंकड़ा दो फीसदी है जबकि उससे ऊपर यानी 11 से 20 वर्ष की आयु वाले तकरीबन छह फीसदी संक्रमित हो रहे हैं। शहर में चल रहे कोरोना जांच के प्रभारी एसीएमओ डॉ. सत्येंद्र राय कहते हैं कि पहली लहर के मुकाबले इस बार कोरोना सभी उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। फिर उसकी उम्र चाहे जो भी है।
prayagraj news : शनिवार को बेली अस्पताल में टीकाकरण अभियान के दौरान लाइन में लगे लोग।
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कामकाज और घूमने-टहलने से युवा आ रहे अधिक चपेट में
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय इसकी मुख्य वजह नई उम्र के लोगों का घूमना-टहलना बता रहे हैं। उनका कहना है कि क्योंकि, काम करने वाला ग्रुप भी ज्यादातर यही है और जगह-जगह आना-जाना लोगों के संपर्क में आने से इस वर्ग के लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। इसके अलावा पहली लहर के मुकाबले इस बार का कोरोना वायरस अधिक शक्तिशाली है। हवा में भी लोगों को संक्रमित कर रहा है, इसके साथ ही उसका अटैक भी गहरा कर रहा है। लापरवाही भारी पड़ सकती है। लिहाजा, जुकाम, खांसी, बुखार हो तो चिकित्सक से सलाह लिए बिना कोरोना की जांच तुंरत करा लें।