राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन काशी प्रांत के संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा के साथ पंच प्रण के जरिए सामाजिक परिवर्तन के लिए स्वयंसेवकों से आगे आने का आह्वान किया। अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली बार संगमनगरी आए सर कार्यवाह ने भारत के अमृतकाल में प्रवेश और संघ के सौवें वर्ष की ओर बढ़ती यात्रा के समय में समाज को दिशा देने की संघ की भूमिका को गहनता से रेखांकित किया।
माघ मेले में विहिप के शिविर में काशी प्रांत के 27 जिलों के क्षेत्र और विभाग प्रचारकों के साथ सर कार्यवाह ने तीन चरणों में संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शाखा स्तर पर टोलियां बनाकर पंच संकल्पों के आधार पर स्वयं सेवकों को सामाजिक परिवर्तन के लिए लहर पैदा करने का वातावरण बनाना चाहिए। अमृत काल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र के नवोत्थान की राह में आने वाले सभी कांटों को दूर करने के लिए कार्य करेगा।
सरकार्यवाह ने आगामी विजयादशमी -2025 से आरंभ हो रहे संघ के शताब्दी वर्ष के आयोजनों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। इसके लिए वर्ष भर के कार्यक्रमों की व्यापक कार्ययोजना पर काम करने के लिए उन्होंने कहा। संघ के कार्य विस्तार और कार्य की गुणात्मकता बढ़ाने की योजना पर भी उन्होंने प्रचारकों से जानकारी ली। कहा कि शताब्दी वर्ष के आयोजनों के क्रम में स्थान-स्थान पर ग्राम-बस्तियों की परिस्थिति का अध्ययन कर वहां की समस्याओं के समाधान की दिशा में शाखा के स्वयंसेवक समाज को जोड़कर प्रयास करेंगे।
ऐसे कई प्रयोगों पर भी उन्होंने चर्चा की। दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि स्वयंसेवकों को सामाजिक परिवर्तन के पांच आयामों पर अपने कार्य को केंद्रित रखना है। इन पांच आयामों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य शामिल है। इन पंच प्रणों को पूरा करने की कार्ययोजना पर बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में विभेद के विरुद्ध विमर्श खड़ा करना तथा समरसता के लिए निरंतर प्रयास करना इस संघ का लक्ष्य है। अस्पृश्यता समाज के लिए कलंक है। संघ इसे सामाजिक समरसता के जरिए मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
होसबाले ने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है। सामरिक और कूटनीति मोर्चों में बढ़ती महत्ता से सभी परिचित हैं। ऐसे समय में भारतीय समाज को एकजुट होकर सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करना है। इस मौके पर काशी प्रांत के क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक रमेश, विभाग प्रचारक आदित्य, विहिप के संगठन मंत्री नितिन, काशी प्रांत के प्रचार प्रमुख मुरारजी त्रिपाठी समेत प्रांत और विभाग के 65 प्रचारक उपस्थित थे।