मीरगंज। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान मेला पांच नवंबर को लगेगा। इस दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु रामगंगा के गोरा हेमराजपुर और अंजनी घाट पर स्नान के लिए पहुंचते हैं। इन दोनों ही घाटों के लिए जाने वाली सड़कें जर्जर हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत उठानी पड़ेगी।
दोनों ही सड़कें बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इनकी वजह से हादसे का खतरा रहता है। कई दुर्घटनाएं हो भी चुकी हैं। कार्तिक पूर्णिमा मेले का लेकर स्थानीय लोगों ने सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की मगर, ध्यान नहीं दिया गया।
27 अक्तूबर को व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए उपजिलाधिकारी आलोक कुमार, सीओ मीरगंज अजय कुमार, बीडीओ विजय आनंद पहुंचे थे। उन्होंने क्षतिग्रस्त रास्ते को देखकर हादसे की आशंका जताई। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर रास्ता सही करने के लिए कहा। इसके बाद भी दोनों ही मार्गों की अब तक मरम्मत नहीं हुई है।
मेला कमेटी अध्यक्ष बाबूराम कश्यप, मेला सचिव नरेश पाल सिंह, प्रमोद शर्मा, विनोद शर्मा और प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा हजारों श्रद्धालु उठाएंगे। उन्होंने कहा कि मेला शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो यहां बड़ा हादसा भी हो सकता है।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता सलमान खान ने बताया उपजिलाधिकारी मीरगंज का पत्र मिलने के बाद बुधवार को अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने दोनों पुलों के पास क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि हादसे से बचाव के लिए गड्ढों के पास पत्थर व संकेतक लगाए जाएं। मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट आने के बाद काम कराया जाएगा।