फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Carrom Board : संगमनगरी में फैली कैरम की किरण, निकला विश्व का नंबर दो खिलाड़ी, चाल से पहले छा जाता है सन्नाटा

Fri, 09 Jun 2023 04:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज में कैरम गेम का जूनन बरकरार है। यहां पर कई क्लब कैरम गेम कराते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी पंजीकृत हैं। कुछ खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। 
विज्ञापन
कैरम - फोटो : ट्विटर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आस्था, धर्म और न्याय की नगरी की गलियों में नए और पुराने किस्सों के साथ कैरम क्लब आज भी रोमांच के दीवानों से गुलजार हैं। शाम ढलते ही यहां कैरम के शौकीन जोश के साथ बोर्ड पर अपनी अंगुलियों का कमाल दिखाते हैं। क्या युवा, क्या अधेड़, जब बोर्ड पर गोटियां इधर से उधर भागती हैं तो सब बच्चे नजर आते हैं। चाल चलने से पहले का सन्नाटा, शॉट के बाद तालियों और वाहवाही के शोर में टूटता है। खास बात यह कि प्रयागराज में कैरम के खिलाड़ी तीन दशक से अपनी छाप छोड़ते नजर आ रहे हैं।

विज्ञापन


25 क्लब से जुड़े हैं सैकड़ों खिलाड़ी
एक वक्त था जब युवाओं में कैरम का जबरदस्त क्रेज देखने को मिलता था। वर्ष 2010 के आसपास शहर में 35 रजिस्टर्ड और 16 नॉन रजिस्टर्ड यानी कुल 51 क्लब हुआ करते थे। इन क्लबों में खिलाड़ियों से ज्यादा उनके खेल को देखने वालों का जमावड़ा होता था। हालांकि साल दर साल क्लबों की संख्या जरूर कम हुई लेकिन खिलाड़ियों का उत्साह अब भी बरकरार है। एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2017 में 30, 2018 में 20, 2019 में 17, 2020 में 16, 2021 में 16, 2022 में 17 और वर्ष 2023 से अबतक कुल 15 रजिस्टर्ड क्लब ही बचे हैं। वहीं पांच से सात नॉन रजिस्टर्ड क्लब भी चल रहे हैं।

Trending Videos

कैरम ने तीन दर्जन से अधिक को दिलाई नौकरी

कैरम खेलकर खिलाड़ियों ने न सिर्फ अपने शौक पूरे किए, शहर के तीन दर्जन से अधिक खिलाड़ियों ने इसी कैरम के दम पर अलग-अलग विभागों में नौकरी भी हासिल की है। आयकर, महालेखाकार और रक्षा विभाग में अलग-अलग पदों पर कैरम के कई खिलाड़ी नौकरी करते हुए कैरम का मान बढ़ा रहे हैं। इनमें अब्दुल रहमान, खुर्शीद हसन, शकील अख्तर, जमशेद आलम, प्रदीप कुमार, गुंजन चौरसिया, मो.गुफरान, नायला, शायला परवीन जैसी खिलाड़ी शामिल हैं।

अब्दुल रहमान बने विश्व के नंबर दो खिलाड़ी

करेली के एनुद्दीनपुर निवासी अब्दुल रहमान अंसारी ने कैरम में कीर्तिमान रच दिया। बीते वर्ष मलेशिया में हुई विश्व चैंपियनशिप में वह उपविजेता बने और विश्व के नंबर दो रैंक के खिलाड़ी बन गए। अब्दुल रहमान के पिता लिफाफा बनाने का काम करते हैं, जबकि वह खुद कारपेंटर का काम करते थे। कैरम बोर्ड पर बड़ी नफासत से चलती हुई उनकी अंगुलियों ने उन्हें न सिर्फ विश्व उपविजेता बनाया। बल्कि अब उन्हें आयकर विभाग में नौकरी भी प्रदान कर दी है।

निकले एक से बढ़कर एक धुरंधर

शहर से कैरम के कई धुरंधर खिलाड़ी निकले हैं। इनमें अब्दुल मन्नान, मो. इमरान, ओपी तिवारी, ओम प्रकाश शर्मा, कमलेश पांडेय, असलम परवेज, इरशाद आलम, मजाहिर मेंहदी और मो. शारिक जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिता तक का सफर तय करते हुए शहर का मान बढ़ाया। वहीं मुर्तजा उस्ताद और मजीद जैसे खिलाड़ियों ने उस दौर में भी अपनी छाप छोड़ी जब कैरम जमीन पर बैठकर हुआ करता था। इसके अलावा गुल रशीद जैसे धुरंधर खिलाड़ी भी रहे हैं जिनका खेल देखने के लिए लोग सुबह से ही क्लब में जुट जाया करते थे।
विज्ञापन

लड़कियों ने भी छोड़ी छाप

शहर में कैरम बोर्ड पर उंगलियों का हुनर दिखाने में लड़कियां भी पीछे नहीं रही हैं। वर्ष 2002 से 2005 के बीच दर्जन भर लड़कियां कैरम की प्रतियोगिता में अपने हुनर से बड़े-बड़े खिलाड़ियों को दंग करके राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खिताब पर कब्जा जमा लिया करती थीं। वर्तमान समय में केवल दो चार लड़कियां ही कैरम की प्रतियोगिता में हिस्सा लेती हैं। वह भी वाराणसी में जब प्रतियोगिता होती है, तब ही वह शामिल होती हैं। मौजूदा समय में निशात फातिमा, शिवानी और शिवांगी ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रयागराज का प्रतिनिधित्व करती हैं।

तकरीबन तीन दशक से प्रयागराज के खिलाड़ियों ने राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक की स्पर्धाओं में कैरम और खुद की पहचान बनाई है। मेरी कोशिश है कि कैरम को स्कूल में भी शुरू किया जाए ताकि इस खेल के प्रति नए बच्चे जागरूक हों, वहीं यह खेल हर घर तक पहुंचे। - मो.सिराजउद्दीन, सचिव, इलाहाबाद कैरम एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें