राशन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए लोगों को अब घरों से बाहर नहीं निकलना होगा। राशन की भी डोर टू डोर डिलेवरी होगी। इसके लिए थानेवार 502 दुकानें चिह्नित की गई हैं। इतना ही नहीं घरों तक राशन की आपूर्ति के लिए 67 ई-रिक्शा तथा टैंपों को भी पास जारी किए गए हैं।
दूध, फल और सब्जी की होम डिलेवरी पहले से ही शुरू है। इसके लिए ठेलिया वालों को अनुमति देने के साथ ई-रिक्शा संचालकों को भी पास जारी किए गए हैं। राशन की डोर टू डोर डिलेवरी की लंबे समय से कवायद की जा रही थी। मॉल्स तथा अन्य चिह्ति दुकानों से होम डिलेवरी की शुरुआत की गई लेकिन बहुत सफलता नहीं मिली। इसके अलावा वाहनों की कमी भी आड़े आ रही थी। ज्यादातर ई-रिक्शा चलाने वाले घर वापस हो गए थे। हालांकि, अब यह बाधा भी दूर हो गई है। होम डिलेवरी के लिए मोहल्ले की दुकानों को ही चिह्ति किया गया है। उनके मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। लोग पास की दुकान पर फोन करके सामान की बुकिंग कर सकेंगे। घर तक सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
जिले में सैनिटाइजर की कमी भी कुछ हद तक दूर होने जा रही है। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की अपील पर विसऐज ब्यूटी एंड हेल्थ केयर सीएसआर प्रोग्राम के तहत सैनिटाइजर की 5000 पीसेज की बोतल उपलब्ध कराएगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कंपनी ने प्रयागराज के अलावा नोएडा और कानपुर को भी इतना ही सैनिटाइजर उपलब्ध कराने की बात कही है।
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर राशन वितरण में घटतौली तथा कालाबाजारी की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है। सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने लोगों की शिकायतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसके बाद जिला प्रशासन भी इन शिकायतों को लेकर सख्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सांसदों से वार्र्ता की। इस दौरान डॉ.रीता बहुगुणा ने कहा कि कोटेदारों के खिलाफ जगह-जगह से शिकायतें आ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी डीएम को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में रविवार को डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने अफसरों संग बैठक की और शिकायतों को तत्काल दूर करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि वह खुद भी दुकानों और गोदाम का निरीक्षण करेंगे।