विजयदशमी मेले में राजरुपपुरव्यापार मंडल की ओर निकालीगई चौकी। अमर उजाला।
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सड़कों पर आकर्षक रोशनी, दोनों ओर सजी खिलौनों और खानपान की दुकानें, चौकियों में रामकथा के प्रसंग और उनके दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। शुक्रवार को झलवा, राजरूपपुर और चकिया में विजयादशमी सौहार्द मेले का कुछ ऐसा ही नजारा रहा। दशहरा बीतने के बाद शहर पश्चिमी का इलाका रामदल और आकर्षक चौकियों के रंग में रंगा नजर आया।
कहीं, भगवान राम और लक्ष्मण के स्वरूपों ने लोगों का ध्यान खींचा तो कहीं कंस वध, कुंभकर्ण वध, लंका दहन और शंकर तांडव जैसे प्रसंगों ने दर्शकों को आकर्षित किया। झलवा में डॉ. सूरज पाल के घर के सामने से मुख्य अतिथि इलाहाबाद पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आरती-पूजन कर रामदल को रवाना किया। चांदी के हौदे पर विराजमान भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों के दर्शन के लिए लोग जुटे।
इस अवसर पर मेला अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा, महामंत्री जीपी सिंह, पार्षद गुलाब सिंह पटेल, लेखराज सिंह, लोकनाथ सिंह पटेल, रामलोचन साहू, पार्षद अखिलेश सिंह आदि रहे।
आठ चौकियों में दिखे रामकथा के प्रसंग
रामदल के साथ निकलीं आकर्षक चौकियों में रामकथा के अलग-अलग प्रसंगों को दर्शाया गया। राजरूपपुर व्यापार मंडल की चौकी में कंस वध का चित्रण किया गया। रामदल के साथ चार चौकियां झलवा से राजरूपपुर होते हुए करबला पुलिस चौकी के पास पहुंचकर संपन्न हुईं।
वहीं, दूसरी ओर चार चौकियां करबला से राजरूपपुर होते हुए झलवा के लिए रवाना हुईं। इस तरह कुल आठ चौकियों के जरिये मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक छटा बिखरी। मेला क्षेत्र को 23 सेक्टरों में बांटा गया था। करबला पुलिस चौकी से राजरूपपुर होते हुए झलवा तक सड़कें आकर्षक रोशनी से जगमगाती रहीं।