अतीक अहमद गिरोह के 14 सदस्यों की संपत्तियां ‘लापता’ हो गईं हैं। मामले की विवेचना में जुटी सिविल लाइंस पुलिस को गिरोह के सदस्यों की संपत्तियां ढूंढे नहीं मिल रही है। दरअसल दो साल से लंबित गैंगस्टर के मामले में अब तक आरोपियों के खिलाफ 14(1) की कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह हाल तब है कि जबकि आरोपियों में अतीक के करीबियों के साथ ही उसके भाई अशरफ का भी नाम शामिल है। खालिद अजीम उर्फ अशरफ समेत आईएस 227 गिरोह के 14 सदस्यों के खिलाफ अक्तूबर 2018 में धूमनगंज थाने में गैंगस्टर का मामला दर्ज किया गया। इस गिरोह का सरगना अतीक अहमद है। तत्कालीन इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा की ओर से दर्ज कराए गए इस मुकदमे में नामजद अतीक के करीबियों पर आरोप है कि इनका एक संगठित गिरोह है, जो धोखाधड़ी, लूटपाट, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण व चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है।