इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्राथमिक विद्यालयों से शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त किए जाने के पांचवें दिन भी विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहा। जिले भर के शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को भी आजाद पार्क में एकत्र होकर दोपहर एक बजे मुंह पर सफेद पट्टी बांधकर बालसन चौराहे पर गांधी जी की प्रतिमा तक चिलचिलाती धूप में जुलूस निकाला। शिक्षामित्रों ने गांधी जी की प्रतिमा के सामने एक घंटे तक धरना दिया।
शिक्षामित्रों का नेतृत्व समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष वसीम अहमद एवं अश्वनी त्रिपाठी ने किया। मौनव्रत पूरा होने पर शिक्षामित्र आजाद पार्क पहुंचे और सभा करके एनसीटीई की नीतियों की आलोचना की। शिक्षामित्रों ने ऐलान किया है कि 28 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में जंतर-मंतर पर सपरिवार प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान मुकेश पटेल, सुनील तिवारी, शारदा शुक्ल, अरुण सिंह, संतोष शुक्ला सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।
पीएम से मिलने वाराणसी गए शिक्षा मित्र, बढ़ी निगरानी प्रांतीय समिति के आह्वान पर शिक्षामित्र 18 सितंबर को वाराणसी आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने बृहस्पतिवार को रवाना हो गए। शिक्षामित्र प्रधानमंत्री से एनसीटीई की ओर से उनके साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार की जानकारी देंगे।
उधर, देर रात शासन से जारी निर्देश के बाद शिक्षामित्रों की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। प्रशासन का मानना है कि प्रतिनिधिमंडल में शामिल शिक्षामित्रों के अतिरिक्त भीड़ वाराणसी जाएगी तो वहां कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए शिक्षामित्रों की निगरानी बढ़ाने के भी आदेश दिए गए हैं। वाराणसी के रास्ते में यदि कहीं शिक्षा मित्रों की भीड़ दिखी तो उन्हें वहीं रोकने की भी योजना है। डीएम कौशलराज शर्मा स्थिति की जानकारी लेकर मातहतों को इस बारे में निर्देश देते रहे।
हाईकोर्ट के फैसले से आहत शिक्षामित्रों ने बीएसए इलाहाबाद राजकुमार से अपने काम का दाम देने की मांग की है। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के महानगर अध्यक्ष मनीष पांडेय ने बीएसए से विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में काम करने की अवधि का वेतन एरियर सहित भुगतान की मांग की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मुकुंद तिवारी ने कहा कि शिक्षामित्रों के हित को लेकर प्रदेश सरकार दोहरा चरित्र अपना रही है।