कोविड 19 संक्रमण के दौर में डाक की भूमिका सिर्फ चिट्ठियां और पार्सल बांटने तक सीमित नहीं रही। इस अवधि में विभाग की ओर से अस्पतालों और मरीजों तक जीवन रक्षक दवाओं से लेकर कोरोना से लड़ने के लिए तमाम उपकरण पहुंचाए गए। लैबोरेटरी रिपोर्ट्स का भी बड़े पैमाने पर वितरण किया गया। लॉकडाउन के दौरान जब देश में प्लेन, ट्रेन और बसों सहित ट्रांसपोर्ट के प्राय: सभी साधन बंद थे, तब आवश्यक दवाओं के साथ मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति एक अहम समस्या बन गई। कूरियर कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में डाक विभाग लोगों के लिए संजीवनी बनकर सामने आया। डाककर्मी विशेषकर डाकिये इस समय ‘कोरोना योद्धा’ के रूप में लगातार कार्य कर रहे हैं।
विभाग की ओर से लगातार जीवनरक्षक दवाओं, एन 95 मास्क, पीपीई किट्स तथा वेंटिलेटर आदि मेडिकल उपकरणों की बुकिंग व विभिन्न शहरों में उनका समयबद्ध तरीके से वितरण किया जा रहा है। कई ई-कामर्स और फार्मास्युटिकल कंपनियां भी दवाओं आदि की सप्लाई में डाक विभाग की मदद ले रही हैं।
इलाहाबाद मंडल के प्रवर डाकघर अधीक्षक संजय अखाड़े ने बताया कि, लखनऊ से लाकर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज को 25 हजार कोविड-19 टेस्टिंग किट्स विभाग द्वारा वितरित की जा चुकी हैं। इसकी कोल्ड चेन को बरकरार रखना होता है, इसलिए मात्र सात घंटे के भीतर किट्स लखनऊ से लाकर यहां पहुंचाई गई। इसके अलावा सरकार ने गरीबों के जनधन खाते में जो रकम भेजी है, उसका भुगतान डाक विभाग आधार आधारित पेमेंट सर्विस के जरिए कर रहा है। सोमवार से डाककर्मी यह रकम लोगों के घरों तक पहुंचाएंगे।
डाक विभाग इलाहाबाद मंडल आठ जून 2020 को महालॉगइन-डे मनाने जा रहा है। इसमें किसी भी बैंक के खाता धारक, जिनका आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक हो, वह किसी भी पोस्ट ऑफिस या पोस्टमैन से एईपीएस के माध्यम से दस हजार रुपये तक की नकद राशि प्राप्त कर सकते हैं। डाक विभाग के इलाहाबाद मंडल में 435 पोस्ट ऑफिसों में यह सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा प्रयागराज तथा कौशाम्बी में मनरेगा, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, मिड डे मील, प्रधानमंत्री जनधन योजना तथा अन्य प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाओं के तहत लाभार्थियों के बैंक खाते में आने वाली धनराशि का भुगतान अब पोस्ट ऑफिस से हो सकेगा। मंडल के प्रवर डाक अधीक्षक संजय डी अखाड़े ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान पोस्ट ऑफिस की इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा एइपीएस स्कीम के तहत इलाहाबाद मंडल में 20 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पूरे उत्तर प्रदेश सर्किल में सर्वाधिक है। राज्य सरकार द्वारा इस महीने कई लाभार्थियों को उनके खाते में डीबीटी के तहत धनराशि उपलब्ध कराई गई है तथा 86 लाख रुपये पेंशनधारकों के खातों में भेजे गए हैं।