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हाईकोर्ट : पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना, कानून को हाथ में लेना नहीं

Thu, 03 Sep 2026 08:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपत्ति के कथित अवैध ध्वस्तीकरण और कब्जे के मामले को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पुलिस की कार्रवाई को गंभीर मानते हुए कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, कानून को अपने हाथ में लेना नहीं।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपत्ति के कथित अवैध ध्वस्तीकरण और कब्जे के मामले को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पुलिस की कार्रवाई को गंभीर मानते हुए कहा कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, कानून को अपने हाथ में लेना नहीं।

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न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों और घटना के दिन पुलिस की कार्रवाई का स्पष्टीकरण देने के लिए पुलिस कमिश्नर, कानपुर नगर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ल की एकलपीठ ने योगेश कुमार सिंह की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। याची के खिलाफ थाना रावतपुर में जमीन पर अवैध कब्जा करना, संपत्ति को नुकसान पहुंचान, लूटपाट, बंधक बनाना, मारपीट आदि आरोप में एफआईआर दर्ज है। याची ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दायर की है।

सुनवाई के दौरान आदेश के अनुपालन में मामले के विवेचक धर्म कुशवाहा व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। राज्य की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे के साथ घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो के रंगीन फोटो भी अदालत में पेश किए गए। कोर्ट ने साक्ष्यों का अवलोकन किया और पाया कि घटना पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। फुटेज में अपर पुलिस उपायुक्त कानपुर नगर कपिल देव की मौके पर मौजूदगी दिखाई दे रही है। आरोपी योगेश कुमार सिंह उनके पास खड़ा नजर आ रहा है। आरोपी अरुण अवस्थी की मौजूदगी भी फुटेज में दिखाई देती है।
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अदालत ने प्रथम दृष्टया कहा कि उपलब्ध सामग्री से ऐसा प्रतीत होता है कि कानपुर नगर की जिला पुलिस शिकायतकर्ता के पति की संपत्ति के अवैध ध्वस्तीकरण और उस पर कब्जे की कार्रवाई में शामिल थी। कोर्ट ने इसे गंभीर मामला माना और कहा इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने घटना के दिन की परिस्थितियों तथा पुलिस की कार्रवाई के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए पुलिस कमिश्नर को नौ सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई नौ सितंबर को दोपहर दो बजे होगी। इस बीच अदालत ने आरोपी योगेश कुमार सिंह को नौ सितंबर तक अंतरिम अग्रिम जमानत की राहत दी है।

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