फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को देना होगा पार्किंग शुल्क

विज्ञापन
विज्ञापन
माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को देना होगा पार्किंग शुल्क
विज्ञापन

अगले माह एक दिसंबर से संगम क्षेत्र में शुरू हो जाएगी पार्किंग शुल्क की वसूली
प्रयागराज। इस बार माघ मेला क्षेत्र में अपने वाहन से आने वाले लोगों से छावनी परिषद पार्किंग के नाम पर वसूली करेगा। एक दिसंबर से बांध स्थित हनुमान मंदिर और राम घाट चौराहा बेनी बांध से संगम क्षेत्र में आने वाले सभी तरह के वाहनों से निर्धारित शुल्क लेने के बाद ही छावनी परिषद प्रवेश देगा। प्रवेश केे बाद वाहन कहां खड़े किए जाएंगे इसके हनुमान जी मंदिर के साथ संगम क्षेत्र में पार्किंग स्थल का चयन किया जा रहा है। इस व्यवस्था से मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की भले ही जेब ढीली हो लेकिन छावनी परिषद की कमाई और ठेकेदारों को सुविधा जरूर होगी।
दरअसल संगम पर हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। अभी तक छावनी परिषद के ठेकेदार रामघाट और बांध स्थित हनुमान मंदिर के पास लोगों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करते थे। छावनी परिषद के सीईओ माने अमित कुमार बाबूराव भी 12 जुलाई 2019 को संगम क्षेत्र में अवैध वसूली के शिकार हो गए थे। वहां 30 रुपये की जगह उनकी 70 रुपये की पर्ची काटी गई थी। तब उन्होंने पाया था कि तमाम जगह ठेकेदार के लोग संगम क्षेत्र में वाहन से आने वाले लोगों की मनमानी पर्ची काट रहे हैं। पहले यह व्यवस्था अवैध थी उसे अब सीईओ ने वैध बनाने की तैयारी की है। वैध बनाने की प्रक्रिया से इसका सीधा लाभ संबंधित ठेकेदार को मिलेगा। इसके लिए ई टेंडर भी निकाला गया है। इसके लिए 50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत हनुमान मंदिर और रामघाट पर चौराहा पर बैरियर लगाया जाएगा। वहीं से संगम क्षेत्र में आने वाले वाहनों की इंट्री और उसका शुल्क लिया जाएगा। 18 नवंबर को इसकी बिडिंग होगी। एक दिसंबर से नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। हालांकि छावनी परिषद द्वारा जो शुल्क निर्धारण किया गया है वह पुराना ही है। उसमें किसी भी तरह का फेरबदल नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार रहेगी यह व्यवस्था
इस बार यूनीफार्म में रहेंगे ठेकेदार के लोग।
सेना द्वारा समय-समय पर किया जाएगा औचक निरीक्षण।
शुल्क की रसीद छावनी परिषद छापकर देगा ठेकेदार को।
छावनी परिषद की ओर से ठेकेदार और कर्मचारियों को दिया जाएगा आई कार्ड।
दस माह छावनी परिषद और जनवरी, फरवरी को मेला प्राधिकरण लेगा शुल्क।
मेला प्राधिकरण के रेवन्यू में 60 प्रतिशत छावनी और बाकी 40 प्रतिशत रहेगा प्रशासन का।
शुल्क की दरें
साइकिल=5 रुपये, स्कूटर/मोटर साइकिल - 10 रुपये, कार, जीप- 30 रुपये, बस/ट्रैक्टर-200 रुपये, मिनी बस/मिनी ट्रक- 100 रुपये, ई रिक्शा- 20 रुपये, थ्री व्हीलर-20 रुपये, टैक्सी- 40 रुपये।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें