इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीएम नरेंद्र मोदी व अन्य मंत्रियों का करीबी बता सरकारी विभाग से काम कराने व नौकरी के नाम पर ठगी के आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने मोहम्मद काशिफ की जमानत अर्जी पर दिया।
गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर थाने में आवेदक पर धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी 19 अप्रैल 2023 को एक (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) ईसीआईआर दर्ज की थी। आवेदक पर आरोप है कि उसने स्वयं को पीएम व मंत्रियों का करीबी बताकर सरकारी विभाग से काम कराने को लोगों से धन की उगाही करता है। साथ ही सरकारी नौकरी लगवाने व ठेके दिलाने के नाम पर धन वसूली करने का भी आरोप।
आवेदक 25 मई 2023 से जेल में है। उसे जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। कोर्ट ने कहा कि आवेदक ने पीएम व अन्य के साथ अपनी संपादित तस्वीरें पोस्ट की हैं। उसने पीएम व अन्य के साथ संबंध होने का विश्वास दिलाकर लोगों को ठगा है। साथ ही दस्तावेज और लाखों रुपयों की बरामदगी उसके कृत्यों की पुष्टि करती है।