सिविल लाइंस को एरिया बेस्ड डेवपलमेंट (एबीडी) में शामिल करने के बाद तीसरे चरण की प्रतियोगिता में इलाहाबाद का स्मार्ट सिटी के लिए चयन तय माना जा रहा है। इसके पीछे एक कारण प्लान तैयार करने वाली केपीएमजी स्मार्ट सिटी कंसल्टेंसी भी है। इसी एजेंसी ने दिल्ली और वाराणसी का प्लान तैयार किया था और दोनों ही स्मार्ट सिटी का हिस्सा बन चुके हैं। दो बार की गलतियों से सबक लेते हुए नगर निगम इस बार के प्लान में किसी तरह की चूक नहीं करना चाहता, सो नगर आयुक्त शेष मणि पांडेय के नेतृत्व में प्लान बेहद बारीकी से तैयार किया जा रहा है। इसमें किसी तरह की कमी न रह जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्लान मार्च के अंत में केंद्र सरकार को भेजा जाना है।
एबीडी में सिविल लाइंस को इसलिए भी शामिल किया गया, क्योंकि यहा लगातार डेवलपमेंट हो रहा है। साथ ही आगे विकास की और संभावना है। महात्मा गांधी मार्ग पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर चौराहा तक दुरुस्त करने के बाद सरदार पटेल मार्ग, कस्तूरबा गांधी मार्ग समेत एलगिन रोड, नवाब यूसुफ रोड और उससे लगी लिंक सड़कों को भी दुरुस्त करने की योजना है। इस काम में नगर निगम, एडीए और पीडब्ल्यूडी की भागीदारी होगी। इसके साथ सिविल लाइंस को एबीडी में इसलिए भी शामिल किया गया है क्योंकि बघाड़ा, ढरहरिया के मुकाबले इस हिस्से से यूजर चार्ज वसूलने में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
नगर निगम के अधिशाषी अभियंता आशीष शुक्ला एवं आशीष त्रिवेणी के नेतृत्व में केपीएमजी द्वारा तैयार किए जा रहे स्मार्ट सिटी प्लान में शहर में बिजली, पानी की निर्बाध आपूर्ति, अत्याधुनिक ट्रैफिक सिगनल, व्यवस्थित यातायात, प्रदूषण नियंत्रण आदि के लिए भी विस्तार से काम किया जा रहा है। अभियंताओं के मुताबिक स्मार्ट सिटी प्लान मार्च के अंत में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसी अवधि में अन्य शहरों से भी प्लान पहुंचेगा और मई या जून में केंद्र सरकार परिणाम घोषित करेगी।