परिसर में अराजकता तथा वित्तीय अनियमितता को लेकर इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, अन्य पदाधिकारियों तथा कई अन्य छात्र नेताओं के खिलाफ भी गाज गिर सकती है। प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आंदोलनरत छात्र-छात्राओं ने छात्रसंघ पदाधिकारियों की अगुवाई में कुलपति दफ्तर पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने काउंटर बंद कराने के साथ कुलपति के ऑफिस में तालाबंदी कर दी थी। इसके अलावा उन पर चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में शिक्षकों से अभद्रता तथा जांच के संबंध में चल रही बैठक में बाधा पहुंचाने का भी आरोप है।
छात्रसंघ पदाधिकारियों पर इसके अलावा कार्यक्रम के नाम पर फर्जी बिल लगाने का भी आरोप है। बिल में टेंपरिंग की बात कही जा रही है। कॉमर्स के प्रोफेसर एसए अंसारी की अध्यक्षता में जांच की जा रही है। हालांकि पहले प्रोफेसर रामसेवक दुबे की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई थी, लेकिन वह घटना के वक्त मौके पर मौजूद थे। इसलिए उन्होंने जांच से खुद को अलग कर लिया। मंगलवार की घटना में विश्वविद्यालय प्रशासन से जिस तरह की कार्रवाई की है उससे इन मामलों में सख्त कदम उठाया जाना भी तय माना जा रहा है। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार का कहना है कि अभी इन घटनाओं की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।