Prayagraj News : Dr. AK Bansal file photo
- फोटो : prayagraj
डॉक्टर बंसल की हत्या लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस के लिए रहस्य बनी रही। हालांकि यह संयोग ही रहा कि डॉक्टर के कत्ल में शामिल रहे शूटर की हत्या की वारदात ही इस बहुचर्चित हत्याकांड के खुलासे की अहम कड़ी बन गई। एसटीएफ ने शूटर यासिर की हत्या में शोएब को पकड़कर पूछताछ शुरू की तो उसने डॉक्टर बंसल के कत्ल में अपने व अपने साथियों समेत शामिल होने की बात का खुलासा किया।
दरअसल डॉक्टर बंसल की हत्या के डेढ़ महीने बाद ही फ्रैक्चर गैंग के शूटर यासिर की हत्या कर दी गई थी। एसटीएफ ने ही इस मामले का खुलासा करते हुए सबसे पहले गैंग के दूसरे सदस्य मकसूद उर्फ जैद को गिरफ्तार किया। कत्ल की वजह पूछने पर उसने जो कहानी बताई थी उसके मुताबिक, उसकी एक युवक से दोस्ती थी, जिसके घर यासिर भी आया जाया करता था। लेकिन वह दोस्त की बहन पर बुरी नजर रखता था और इस बात का पता चलने पर मकसूद ने यासिर की हत्या कर दी।
उसने यह भी बताया था कि हत्या में दोस्त व उसका पिता भी शामिल था, जिस पर उन दोनों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। हालांकि वह निर्दोष थे। जेल में पिता-पुत्र लगातार मकसूद से खुद को फंसाए जाने का कारण पूछते रहे। आखिरकार एक दिन उसने बताया कि शोएब को बचाने के लिए ही उसने एसटीएफ के सामने उनका नाम लिया। इसकी जानकारी पिता-पुत्र के परिजनों ने एसटीएफ अफसरों को दी। जिसके बाद से एसटीएफ शोएब की तलाश में जुट गई थी। सटीक मुखबिरी पर आखिरकार एसटीएफ ने शोएब को दबोच लिया।
जब उससे पूछा गया कि मकसूद उसे बचाने की बात क्यों कह रहा था तो वह इधर उधर की बातें करने लगा। हालांकि जब उससे कड़ाई से पूछताछ करते हुए यासिर के कत्ल के बाबत पूछताछ की गई तब उसने खुलासा किया कि डॉक्टर बंसल की हत्या में मिली एडवांस रकम के बंटवारे को लेकर उसने मकसूद के साथ मिलकर यासिर को मार डाला था। जिसकी साजिश में अबरार मुल्ला भी शामिल था। इस तरह से डॉक्टर बंसल के कत्ल का राज खुला।