आरोपी की मां मुन्नी देवी और बहन गौरी को तो पता ही नहीं था कि मकान के निचले हिस्से के एक कमरे में स्वीटा का शव पड़ा है। यही वजह रही कि बृहस्पतिवार की सुबह दोनों बैग रिपेयरिंग की दुकान के लिए निकल गई थीं।
पुलिस ने मां-बेटी को पूछताछ के लिए दुकान से ही हिरासत में लिया। हेमंत की सूचना पर जब एसओ झूंसी पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि स्वीटा का शव पड़ा है, जबकि आरोपी वहीं पर अपनी तीन साल की बेटी के साथ मौजूद था। आरोपी को हत्या का अफसोस नहीं था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के साथ तीन साल की बच्ची को महिला पुलिसकर्मियों को सौंप दिया। देर शाम पुलिस ने बच्ची को दादी और बुआ को सौंप दिया।