माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन करने वालों की संख्या बढ़ गई है। यूपी बोर्ड ने पूरे प्रदेश में ऐसे 87 हजार 429 विद्यार्थियों को चिह्नित किया है। उन्हें परीक्षा से बाहर करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसमें सबसे ज्यादा फर्जी आवेदक बलिया समेत पूर्वांचल के जिलों में हैं, जबकि इलाहाबाद में 603 लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए कुल 67 लाख 29 हजार 540 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए। इसमें हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या 37 लाख 12 हजार 508 एवं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की संख्या 30 लाख 17 हजार 32 थी। आवेदन आने के बाद इनकी जांच हुई तो पता चला कि बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भी आवेदन किए गए हैं। पांचों मंडलीय कार्यालयों से जुड़े जिलों के आवेदनों में पहले पता चला कि 83753 लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फॉर्म भरे। इसमें हाईस्कूल के लिए 49384 एवं इंटर में लिए 34369 आवेदक थे। इसके बाद बोर्ड को सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन करनेे वालों की अंतिम सूची प्राप्त हुई तो पता कि यह संख्या 87429 है। इसमें हाईस्कूल के कुल 49303 एवं इंटर के लिए 38126 लोग चिह्नित किए गए।
सबसे ज्यादा फर्जी आवेदन करने वाले बलिया में हैं। यहां हाईस्कूल में 9679 एवं इंटर में 5173 कुल 14852 फर्जी आवेदकों का पता चला। इसी तरह आजमगढ़ में 8362, गाजीपुर में 7877, जौनपुर में 6579, गोरखपुर में 6104, मेरठ में 5019, वाराणसी में 4322, बागपत में 3920, देवरिया में 3667, बुलंदशहर में 3502, प्रतापगढ़ में 2691 समेत अन्य जिलों में काफी फर्जी आवेदक मिले हैं। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि इन आवेदकों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया है।