मुस्लिम समुदाय के लिए लिए आने वाला माह-ए-रमजान इस बार राहत और सूकून की सौगात लेकर आया है। वर्ष 2026 में रमजान के आज से शुरू होने की संभावना है। खास बात यह है कि करीब 22 वर्षों बाद पहली बार रमजान की शुरूआत सर्द मौसम में होगी, जिससे रोजेदारों को लंबे रोजों के दौरान गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी। बीते दो दशकों में रमजान के अधिकतर रोजे भीषण गर्मी में पड़े।
अप्रैल-मई की तपती धूप, जून-जुलाई की उमसभरी गर्मी और अगस्त-सितंबर की चिपचिपि तपिश ने खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार रोजेदारों की मुश्किलें बढ़ा दी थी। ऐसे में ठंडे मौसम में रमजान आने से मुश्लिम समुदाय में खुशी और संतोष का माहौल है।
कोरांव के नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना सरफुद्दीन रजवी ने बताया कि इस्लामी कैलेंडर चंद्र गणना पर अधारित होता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग 10 से 12 दिन छोटा होता है। इसी कारण रमजान हर साल कुछ दिन पहले आता है और लगभग 33 वर्षों में एक बार सभी मौसमों का चक्र पूरा करता है।
रमाजन की संभावित तिथियां
2026ः 19 फरवरी से 20 मार्च, 2027ः 8 फरवरी से 9 मार्च, 2028ः 28 जनवरी से 26 फरवरी, 2029ः 16 जनवरी से 14 फरवरी, 2030ः 6 जनवरी से 4 फरवरी, 2031ः 26 दिसंबर 2030 से 24 जनवरी 2031, 2032ः 15 दिसबंर 2031 से 13 जनवरी 2032, 2033ः 4 दिसंबर 2032 से 2 जनवरी 2033, 2034ः 23 नवंबर से 22 दिसंबर, 2035ः 12 नवंबर से 11 दिसंबर, 2036ः 2 नवंबर से 1 दिसंबर