कर्बला की तपती रेत पर इंसानियत के लिए दी गई शहादत की यादें एक बार फिर ताजा हो उठी हैं। मुहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही इस्लामी नववर्ष का आगाज हो गया है। इमामबाड़ों और अजाखानों में शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 वफादार साथियों की कुर्बानियों को याद किया जा रहा है। मुहर्रम के आगमन के साथ ही क्षेत्र के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिस और नौहाखानी का सिलसिला शुरू हो गया है। अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद कर उनकी कुर्बानियों को याद किया।
धर्मगुरु मौलाना मशकरा कैन हादी रिजवी ने कहा कि मुहर्रम अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का संदेश देता है। इमाम हुसैन ने सत्ता या ताकत के लिए नहीं, बल्कि इंसाफ और मानवता की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान की थी। उनका जीवन आज भी पूरी दुनिया के लिए आदर्श है।
मौलाना एजाज हुसैन ने कहा कि कर्बला की शहादत किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है। यह पूरी इंसानियत के लिए सबक है कि सच्चाई और न्याय के लिए हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। इमाम हुसैन का नाम आज भी जुल्म के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता है।
मुहर्रम ताजिया कमेटी के अध्यक्ष बलागत हुसैन ने कहा कि कर्बला का इतिहास सब्र और त्याग की सर्वोच्च मिसाल है। प्यास, भूख और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इमाम हुसैन और उनके साथियों ने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि उनकी शहादत सदियों बाद भी लोगों को प्रेरित कर रही है।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट कमर रिजवी ने कहा कि आज की पीढ़ी को कर्बला के वास्तविक संदेश से परिचित कराना समय की मांग है। मुहर्रम हमें नैतिकता, भाईचारे, ईमानदारी और मानव सेवा की राह पर चलने की सीख देता है।
इमामबाड़ों में बढ़ी रौनक, तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार
मुहर्रम की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र के इमामबाड़ों में साफ-सफाई, रोशनी और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां तेज हो गई हैं। ताजिया और अलम की तैयारी में भी लोग जुट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाली मजलिसों का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। सहायक पुलिस आयुक्त विवेक यादव ने बताया कि शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
फूलपुर के मौलाना मशकरा कैन हादी रिजवी।- फोटो : samvad
फूलपुर के मौलाना मशकरा कैन हादी रिजवी।- फोटो : samvad
फूलपुर के मौलाना मशकरा कैन हादी रिजवी।- फोटो : samvad