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सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

Tue, 02 Apr 2019 11:44 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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gang rape
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धूमनगंज के बम्हरौली में दो अनुसूचित जाति की किशोरियों से सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि पकड़े जाने पर उसने पुलिस पर फायर झोंका। जवाब में की गई फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले रात में ही एक अन्य आरोपी भी पकड़ लिया गया।
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बम्हरौली में 26 मार्च को शौच गई दो किशोरियों से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।

पीड़िताओं की तहरीर पर इरफान, शनी पासी निवासी नीमसराय, अनस निवासी उमरी, हरीश उर्फ नेपाली व अमन के नाम प्रकाश में आए। इनमें से सनी व अनस जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपी इरफान सोमवार को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि अनस को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था और तब मौका पाकर इरफान भाग निकला था। उसकी तलाश की जा रही थी। मंगलवार को पुलिस टीम पुराने यमुना पुल के पास चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान बाइक से आए युवक रुकने का इशारा करने पर भागने लगा। इसी दौरान बाइक फिसलने से वह गिर गया। पुलिस ने खदेड़ा तो वह फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। जिस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से तमंचा, कारतूस व पल्सर बाइक बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम इरफान पुत्र मोहर्रम अली निवासी पंतरवा बम्हरौली बताया। पुलिस के मुताबिक, उसने यह भी बताया कि बम्हरौली में किशोरियों से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात उसने ही अपने साथियों संग अंजाम दी थी। उधर इससे पहले ही एक अन्य आरोपी अमन को एसआई अतुल सिंह व उनकी टीम ने पोंगहट पुल के पास से गिरफ्तार किया। 
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घोषित था 25 हजार का इनाम
पुलिस ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों इरफान, अनस 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस की मानें तो अस्पताल में भर्ती इरफान से पूछताछ में पता चला है कि वह ही अपनी गाड़ी से अपने साथियों को लेकर मौके पर पहुंचा था। उसने यह भी बताया है कि वह एक किशोरी को पहले से जानता था। उधर, पुलिस का कहना है कि इरफान के भी नाखून व खून का नमूना लिया जाएगा। जिसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। 

जाति प्रमाणपत्र न होने से फंसा मुआवजा
उधर सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िताओं को आर्थिक मदद दिलाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि एक पीड़िता के मामले में पेच फंस गया है क्योंकि, उसके पास न तो बैंक खाता है और न ही जाति प्रमाणपत्र। सीओ व्रजनारायण सिंह का कहना है कि एक पीड़िता के लिए पत्राचार किया गया है। दूसरी पीड़िता के परिजनों से कहा गया है कि बैंक खाता खुलवाने के साथ ही जाति प्रमाणपत्र बनवा लें ताकि उचित कार्यवाही की जा सके। 
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