दारागंज स्थित भगवान वेणी माधव मंदिर के महंत व जूना अखाडे़ के महामंडलेश्वर ओमकार देवगिरि मंगलवार को ब्रह्मलीन लीन हो गए। तबीयत खराब होने की वजह से वो विगत तीन दिनों से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे।वे 90 वर्ष के थे। भगवान वेणी माधव की शोभायात्रा को पहचान दिलाने के अलावा लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। बीते माह कोरोना वायरस के खात्मे के लिए उन्होंने मंदिर में भव्य यज्ञ कराया था। उनके निधन पर सिध-संतों के अलावा प्रयागराज सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मराज पांडेय,भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक तीर्थराज पांडेय बच्चा भैया ने शोक जताया। बच्चा भैया ने कहा कि वे मंदिर के अलावा अखाड़े की परंपरा व सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सदैव तत्पर रहते थे।
उनके न रहने से हम सब ने अपना एक अभिभावक खो दिया है। मंदिर के पुजारी विजय तिवारी,अभिषेक दुबे ने शोक में मंदिर के पट बंद कर को इस दुख की घड़ी को सहन करने के लिए भगवान वेणी माधव से प्रार्थना की। ओमकार देव गिरी मध्य प्रदेश के सागर जिले के निवासी थे। उनकी अगुवाई में ही भगवान वेणी माधव की यात्रा की शुरुआत हुई थी। सावन मास में पांच दिनों तक भव्य झूला महोत्सव, कृष्ण जन्माष्टमी,रंगभरी एकादशी महोत्सव उनके निर्देशन में मनाया जाता था। विगत कुंभ में श्री जूना अखाड़े के द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई थी।
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर महंत स्वामी ओमकार गिरि के ब्रह्मलीन होने पर पूरे संत समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने उनके देवलोक गमन पर गहरा दुख जताया है। सात मई को प्रयागराज में ही उनके पार्थिव शरीर को समाधि दी जाएगी। इसमें जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर वैभव गिरि , श्रीमहंत पुष्कर गिरि , श्रीमहंत इच्छा गिरि , थानापति अरुण भारतीय शामिल होंगे। इनके अलावा जूना अखाड़े के राष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरि गिरि सहित कई बड़े संत भी समाधि कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।