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खुद खतरे में दूसरों को बचाने वालों की जान

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कोरोना के लगातार बढ़ते खतरे को लेकर हर जगह हाई अलर्ट का माहौल है। लेकिन खुद दूसरों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों की जान खतरे में है। ज्यादातर पुलिस कार्यालयों-थानों में कोरोना से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और पुलिसकर्मी खतरा मोल लेकर काम करने को मजबूर हैं।
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कोरोना के खतरे को देखते हुए पुलिसकर्मियों को भी हाईअलर्ट मोड पर रखा गया है। महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें लगातार ड्यूटी देनी पड़ रही है। वह रोज हजारों लोगों के संपर्क में आ रहे हैं। ऐसे में उनके संक्रमण का शिकार होने का खतरा सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद अब तक उन्हें मास्क नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। थानों व पुलिस कार्यालयों में अब तक सैनेटाइजर की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा साफ-सफाई के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सिविल लाइंस, जार्जटाउन, कर्नलगंज, अतरसुइया, धूमनगंज, करेली, आदि थानों में साफ-सफाई का अभाव है। यह हालत तब है जबकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में फरियादी भी पहुंचते हैं। इसके बावजूद बचाव के पर्याप्त इंतजाम न होने से पुलिसकर्मी खतरा मोल लेकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। नाम न छापने की शर्त पर पुलिसकर्मी कहते हैं कि सार्वजनिक जगहों पर ड्यूटी देने की वजह से संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा उन्हें ही है। इसके बावजूद उन्हें इस खतरे से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
छह हजार पुलिसकर्मी, आए 2000 मास्क
पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि जिले में वर्तमान में छह हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। लेकिन अब तक केवल 2000 मास्क ही जिला पुलिस को मिल सके हैं। इसी तरह जिले भर के कार्यालयों व थानों के लिए 300 सैनेटाइजर की व्यवस्था अब तक हुई है। सीओ लाइन अशोक वैंकट का कहना है कि पुलिस कार्यालयों व थानों में सैनेटाइजर भेजे जा रहे हैं। शुक्रवार तक सभी जगह सैनेटाइजर पहुंच जाएंगे। जहां तक मास्क की बात है तो फिलहाल शहर में तैनात पुलिसकर्मयों को मास्क दिए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ और स्टॉक रिजर्व में रखा गया है, जिसे जरूरत के हिसाब से वितरित किया जाएगा।
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