पुलिस के साथ तलाश में निकले गांव वाले तेंदुए की गुर्राहट सुनकर भागे
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शाही के प्रेमपुर गांव में घटना, वनविभाग ने लोगों को खेतों पर अकेले न जाने को कहा
शाही। प्रेमपुर गांव में धनसिंह के घर में सोमवार रात घुसा तेंदुआ बकरी उठा ले गया। बकरी की आवाज सुनकर जागे धनसिंह के शोर मचाने के बाद गांव के लोग पुलिस के साथ लाठी-डंडे लेकर तेंदुए की तलाश में निकले लेकिन पास ही खेतों में तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनकर उनमें भगदड़ मच गई। सुबह पहुंची वन विभाग की टीम ने छानबीन करने के बाद गांववालों से सतर्क रहने को कहा है।
धन सिंह के मुताबिक सोमवार रात वह अपनी खपरैल में सो रहे थे। पास में ही करीब आधा दर्जन बकरियां बंधी थी। रात करीब 11 बजे बकरियां जोर-जोर से मिमियाने लगीं तो उनकी आंख खुल गई। उन्होंने तेंदुए को एक बकरी को गर्दन से दबोचकर खेतों की ओर ले जाते देखा तो शोर मचाया। इस पर गांव के तमाम लोग लाठी-डंडे लेकर इकट्ठा हो गए। उन्होंने तेंदुए का पीछा किया तो वह बकरी को लेकर ईख में घुस गया। इसी बीच ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस के साथ गांव वाले गन्ने के खेत के पास पहुंचे तो तेंदुए ेने गुर्राना शुरू कर दिया, जिस पर गांव वाले भाग निकले।
दहशत में ग्रामीण रात भर लाठी-डंडे लेकर गांव की रखवाली करते रहे। रात करीब दो बजे रामस्वरूप के घर में भी तेंदुआ घुसने का हल्ला मचा। ग्रामीण इकट्ठे होकर वहां पहुंचे तो उन्होंने तेंदुए को जंगल की ओर भागते देखा। दहशत के मारे पूरी रात ग्रामीण सो नहीं सके। सुबह फारेस्टर नेत्रपाल टीम के साथ गांव पहुंचे और खेतों में जाकर छानबीन की। कई खेतों में तेंदुए के पंजे के निशान मिले। एक खेत में बकरी के अवशेष भी पड़े मिले। उन्होंने ग्रामीणों को खेतों की ओर अकेले न जाने की सलाह दी है। महिलाओं ओर बच्चों को खेतों से दूर रखने को कहा।
गांव वालों ने तेंदुए का ही हुलिया बताया है। जो पग मार्क मिले हैं, वह भी तेंदुए के ही है। अगर तेंदुआ आगे भी एक-दो दिन इस इलाके में चहलकदमी करेगा तो यहां पिंजड़ा लगाया जाएगा। - संतोष सिंह, रेंजर वन विभाग