हाईकोर्ट के अधिवक्ता अमित नेगी ने शुआट्स मामले में सीबीआई द्वारा चार फरवरी को लखनऊ में दर्ज की गई प्राथमिकी में से अपना नाम निकालने की मांग की है। शुआट्स के अधिकारियों द्वारा मृतकों के नाम पर याचिकाएं दाखिल कर फर्जीवाड़ा करने के मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
चार फरवरी को सीबीआई ने इस सिलसिले में नया केस रजिस्टर किया है। इसमें अन्य लोगों के साथ ही नेगी का नाम भी है। नेगी ने इसे लेकर सीबीआई को पत्र भी लिखा है। उन्होंने लिखा है कि इस संबंध में कैट थाने में वर्ष 2017 में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पांच सितंबर 2017 को हाईकोर्ट ने प्राथमिकी में से सिर्फ अमित नेगी के खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया।
मामले की जांच कैंट पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने जांच के बाद चार फरवरी 2021 को नया केस दर्ज किया। नए केस में अमित नेगी का नाम फिर से शामिल कर लिया गया है। उनका कहना है कि संभवत: सीबीआई ने गलती से प्राथमिकी में उनका नाम भी डाल दिया है। जबकि उनके खिलाफ मामला हाईकोर्ट द्वारा समाप्त किया जा चुका है। इसलिए उन्होंने सीबीआई की प्राथमिकी से अपना नाम निकालने की मांग की है।