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Prayagraj News: बंद हुई किलकारी... छह साल से सन्नाटा

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जहां कभी बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, बच्चों के जन्म पर मिठाइयां बांटी जाती थीं। उस राजकीय महिला अस्पताल में बीते छह साल से सन्नाटा पसरा है। प्रसूति रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति न होने की वजह से छह साल पहले अस्पताल को बंदकर कर दिया गया।
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धीरे-धीरे बिल्डिंग जर्जर होने लगी। जिसके बाद उसे निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया। अब यहां बच्चों की किलकारियां नहीं गूंजतीं बल्कि जुआरियों और नशेड़ियों का जमघट लगता है। अस्पताल के बंद होने के बाद तीन कर्मचारियों को सीएचसी रामनगर और पीएचसी सिरसा से संबद्ध कर दिया है।
सिरसा कस्बे में 1980 में राजकीय महिला अस्पताल का उद्घाटन किया गया था। उस वक्त एक प्रसूति रोग विशेषज्ञ और तीन स्टाफ की तैनाती की गई थी। अस्पताल के खुलने से महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को काफी सहूलियत मिली थी। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी के चक्कर लगाने से नहीं पड़ते थे लेकिन अस्पताल बंद होने से उनकी परेशानी बढ़ गई। इस अस्पताल में सिरसा के 11 वार्डों और आसपास के चार गांवों लोहारी, उपरौड़ा, हनुमानपर, छतवा की महिला मरीजों का इलाज होता था। अब उन्हें पांच किमी दूर सीएचसी रामनगर जाना पड़ता है। अस्पताल के बंद होने से सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हुई है। ग्रामीणों ने महिला अस्पताल को शुरू करने की मांग की है। संवाद
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बोले लोग
कई बार की गई शिकायत के बाद भी राजकीय महिला अस्पताल चालू नहीं किया गया। जिससे महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक समय था कि जब अस्पताल में महिलाओं की भीड़ रहती थी। बच्चों की किलकारी से अस्पताल गूंज उठता था। अब तो अस्पताल वीरान हो गया है। - सुषमा केशरी फोटो

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महिला अस्पताल बंद होने से महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज के लिए पांच किमी दूर सीएचसी जाना पड़ता है। वहां भी इलाज सही से न मिल पाने पर महिलाओं को शहर का रुख करना पड़ता है। - प्रेमलता केशरी

शिकायत का स्वास्थ्य विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा। जिसका नतीजा है कि छह वर्ष से राजकीय महिला अस्पताल बंद है। महिला अस्पताल को चालू किया जाना अति आवश्यक है। अमित केशरी



सिरसा में राजकीय महिला अस्पताल को चालू किया जाना अति आवश्यक है। क्योंकि महिला मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसे खुलवाने की मांग सीएमओ के अलावा डीएम से की गई है। - रविंद्र केशरी

राजकीय महिला अस्पताल को चालू कराए जाने और महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए सीएमओ के अलावा उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को ज्ञापन सौंपा गया था। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल चालू कर दिया जाएगा। -लखन केशरी चेयरमैन, सिरसा।

बोले अफसर
महिला चिकित्सकों की कमी होने की वजह से दिक्कत आ रही है। इसके अलावा राजकीय महिला अस्पताल सिरसा की जर्जर बिल्डिंग को देखते हुए इसे निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। इस जर्जर बिल्डिंग में महिला अस्पताल को चालू किया जाना संभव नहीं है। डॉ. अरुण कुमार तिवारी, सीएमओ प्रयागराज।
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