फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिर्फ लक्षण मिलने पर ही होंगे क्वारंटीन

विज्ञापन
विज्ञापन
बाहर से आने वाले श्रमिकों तथा अन्य किसी को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। जिनमें कोरोना का लक्षण होगा उन्हें ही क्वारंटीन किया जाएगा। अन्य लोगों को घरों मेें रहकर स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा। इसका पालन कराने की जिम्मेदारी निगरानी समितियों पर होगी। जिला प्रशासन की ओर इस बाबत स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद पंचायत भवन तथा स्कूलों में क्वारंटीन लोगों को भी घर भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रवासी श्रमिकों को लाया जा रहा है। इसका पहले से अनुमान था कि गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में फंसे हजारों श्रमिकों तथा अन्य लोग आएंगे। अनुमान सही भी निकला। बाहर से आने वाले 30 हजार से अधिक श्रमिकों की तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से डाटा तैयार कर लिया है। अभी हजारों हैं जिनकी स्कैनिंग की जा रही है। इसके अलावा श्रमिकों के आने का क्रम अब भी जारी है। इसे देखते हुए तहसीलवार प्राथमिक विद्यालयों, इंटर कालेजों में श्रमिकों को 21 दिन रखने की योजना बनाई गई थी लेकिन बाद में सभी को होम क्वारंटीन करने का निर्णय लिया गया। सीआरओ भानु प्रताप यादव का कहना है कि शासन की ओर से इसका आदेश दो मई को ही आ गया था। ऐसे में सिर्फ जिनमें कोरोना का लक्षण है उन्हें ही संस्थागत क्वारंटीन करने का आदेश जारी किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राथमिक विद्यालय या पंचायत भवन में किसी को क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। सभी को घरों में रहकर ही क्वारंटीन के निर्देशों का पालन करना है। इसके विपरीत बाहर से आने वाले बड़ी संख्या में श्रमिकों के घर में रहने की जगह नहीं है। एक ही कमरे में पूरा परिवार रहता है। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि वे होम क्वारंटीन के निर्देशों का पालन कैसे कर पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें