सहालग का सीजन आते ही आमतौर पर हरी सब्जियों के भाव आसमान छूते हैं। इस बार उल्टा हो गया। शादियों के साथ-साथ बिगड़े घरेलू बजट को भी लौकी-भिंडी ने संभाल लिया है। पिछले 20 दिनों में हरी सब्जियां 40 से 50 फीसदी तक सस्ती हो गई हैं। इससे सहालग में रसोई का बजट सुधर गया।
मऊआइमा के जोगापुर सब्जी मंडी में सुबह से किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लाइन में लग जाती हैं। खेतों में लौकी, कद्दू, करेला, भिंडी और तोरई की बंपर पैदावार हुई है। आवक बढ़ी तो दाम गिर गए।
सब्जी विक्रेता मोहम्मद महताब ने बताया कि 15 दिन पहले जो भिंडी 60 रुपये किलो थी, आज 25-30 में बिक रही है। लौकी 40 से 20 रुपये पर आ गई। कद्दू 30 से 15 रुपये हो गया। करेला भी 60 से 30 रुपये पर आ गया है।
सहालग में सब्जी महंगी होने से कैटरिंग का बजट बिगड़ जाता था। इस बार 100 लोगों की सब्जी का खर्च 5000 से घटकर 2500 रुपये पर आ गया है। भंडारा कर रहे तीरथ यादव ने बताया कि कार्यक्रम से एक पखवाड़ा पूर्व सब्जी के लिए 50 हजार के बजट का अनुमान था लेकिन अब 30 हजार रुपये में ही काम चल गया।
गृहिणी सुमन देवी ने बताया कि पिछले महीने 300 रुपये में थैला खाली रहता था। आज 200 में ही भिंडी, तोरई, लौकी, धनिया-मिर्च सब आ गया।
किसान सुरेश मौर्या ने बताया कि खेत में रोज दो क्विंटल भिंडी तोड़ रहे हैं। दाम कम हैं पर माल बिक जा रहा है, यही राहत है। थोक विक्रेता मोहम्मद नईम ने कहा कि आवक के मुकाबले खपत कम है। गर्मी ज्यादा होने से सब्जी जल्दी खराब हो रही है। इसलिए आढ़ती स्टॉक करने से बच रहे हैं।
एक नजर में सब्जियों के फुटकर दाम
सब्जी आज के भाव 20 दिन पहले (प्रति रुपये किलो)
भिंडी : 30 60
लौकी : 20 40
नेनुआ : 30 60
करेला : 30 60
तोरई : 20 40
धनिया : 60 150
परवल : 80 150
टमाटर : 20 40
प्याज : 20 30
खीरा : 20 40
ककड़ी : 40 80
मिर्ची : 40 80