वक्फ बोर्ड के विरोध में भी पिछले कुछ समय से संतों-महंतों ने हुंकार भरनी शुरू कर दी है। यह विषय गर्माने लगा है। अयोध्या में राम मंदिर बन चुका है तो अब विहिप की वक्फ बोर्ड को स्थायी रूप से बंद करने की लगातार वकालत कर रहा है। इतना ही नहीं विहिप के महाकुंभ नगर स्थित शिविर में तमाम पदाधिकारी इस बात की भी चर्चा कर रहे हैं कि अयोध्या के बाद अब मथुरा एवं काशी की बारी है। संत सम्मेलन में मंदिरों के अधिग्रहण को समाप्त करने का भी मुद्दा उठ सकता है।
सीएम योगी ने कहा था यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफिया का बोर्ड
महाकुंभ शुरू होने के पूर्व मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने दावा किया था कि महाकुंभ का आयोजन वक्फ की जमीन पर हो रहा है। इस दावे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ऐसी बातें कोई भू-माफिया ही कर सकता है। वक्फ बोर्ड को भू माफिया बोर्ड मत बनाइए। उसे वक्फ बोर्ड ही रहने दीजिए। योगी ने कहा कि ऐसी टिप्पणी करके लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
विहिप शिविर में आयोजित संत सम्मेलन में वक्फ बोर्ड स्थायी रूप से बंद किए जाने का मामला उठ सकता है। केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में ही संत सम्मेलन के एजेंडे तय होंगे। - अशोक तिवारी, विहिप अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख
विहिप के महाकुंभ नगर में होने वाले कार्यक्रम:
24 जनवरी : केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल बैठक
25 जनवरी : साध्वी सम्मेलन
25, 26 जनवरी : संत सम्मेलन
27 जनवरी : युवा संत सम्मेलन