महोबा के क्रशर प्लांट कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना अब जोनल स्तर पर गठित एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) करेगी। अब तक विवेचना में जुटी रेंज एसआईटी पर मृतक कारोबारी के परिजनों की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। दो सदस्यीय जोनल एसआईटी में प्रयागराज में तैनात एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र मुख्य विवेचक जबकि आईजी रेंज केपी सिंह पर्यवेक्षण अधिकारी होंगे।
क्रशर प्लांट कारोबारी की मौत के मामले में महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार समेत अन्य पर आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा चल रहा है। जिसकी विवेचना रेंज स्तर पर गठित एसआईटी कर रही थी। सोमवार को मृतक कारोबारी के भाई और मुकदमा वादी रविकांत त्रिपाठी ने पत्र जारी कर विवेचना में जुटी रेंज एसआईटी की मंशा पर सवाल उठाए। जिसमें आरोप लगाया गया कि एसआईटी की मंशा आरोपियों को गिरफ्तार करने की नहीं है। जिससे पूरा परिवार बेहद निराश व डरा हुआ है।
परिवार ने आईजी चित्रकूट रेंज से यह भी अनुरोध किया कि विवेचना अन्यत्र से कराई जाए। मामला संज्ञान में आने के बाद उच्चाधिकारियों ने परिजनों से बात की। साथ ही उनकी सहमति पर विवेचना जोनल स्तर पर गठित एसआईटी से कराने का निर्णय लिया। दो सदस्यीय टीम में एसपी क्राइम प्रयागराज आशुतोष मिश्र व आईजी रेंज केपी सिंह को शामिल किया गया है।
- परिजनों की मांग पर विवेचना जोनल स्तर पर गठित एसआईटी को सौंप दी गई है। प्रयागराज रेंज में तैनात दो अफसरों को इसमें शामिल किया गया है। - प्रेमप्रकाश, एडीजी जोन प्रयागराज
‘पुलिस व बड़ा अधिकारी कभी गिरफ्तार नहीं होता’
मृतक क्रशर व्यापारी के भाई व मुकदमा वादी की ओर से मीडिया को जारी पत्र में रेंज एसआईटी के विवेचक सीओ सदर, महोबा कालू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि 17 अक्तूबर को उन्हें कबरई थाने में बेवजह बुलाया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के विषय में पूछने पर कहा गया कि पुलिस व बड़ा अधिकारी कभी गिरफ्तार नहीं होते। गिरफ्तारी के लिए दबिश की खबरों का हवाला देने पर कहा गया कि यह कागजी कार्रवाई है, चलती रहती है। वादी ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी आईजी चित्रकूट रेंज से भी की। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि मृतक कारोबारी के परिजनों के शस्त्र लाइसेंस बनने की कार्रवाई में सीओ सदर बेवजह देरी कर रहे हैं।