prayagraj news : एसआरएन हास्पिटल।
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युवती की इलाज के दौरान मौत मामले में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एसपी सिंह का कहना है कि आंत फटने और उसमें सड़न होने की वजह से अन्य अंगों में भी संक्रमण पहुंच गया था। जिससे मरीज के सभी अंग सुचारू रूप से काम नहीं कर रहे थे। रक्त जांच व एक्सरे से पता चला कि युवती केफेफड़ों में संक्रमण बहुत ज्यादा हो गया था। सोमवार सुबह से मरीज का ऑक्सीजन लेवल 80 से नीचे आने लगा।
सभी आवश्यक दवाएं देने के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती चली गई और सुबह नौ बजे करीब उसकी मौत हो गई। दुष्कर्म के आरोप केसंबंध में प्राचार्य का कहना है कि ओटी में शिफ्ट होने, ऑपरेशन केपहले, ऑपरेशन केदौरान और इसके बाद मरीज महिला चिकित्सक व स्टाफ की निगरानी में थी। ऐसा प्रतीत होता है कि ऑपरेशन की पूर्व की तैयारी जैसे पार्ट प्रिपरेशन, पार्ट एक्सपोजर, पेटिंग, ड्रेपिंग व ऑपरेशन केबाद होश में लाने केलिए बेहोशी के डॉक्टर की ओर से दिए गए फिजिकल इंस्टूमिलेशन, नियर बाई एरियाज की साफ-सफाई, पेशाब की नली बदलने की सामान्य प्रक्रियाओं को मरीज ने अर्द्धबेहोशी की हालत में गलत व्यवहार समझ लिया।
रिचा ने महिलाओं संग डीएम कार्यालय पर दिया धरना
एसआरएन मामले को लेकर सपा नेत्री रिचा सिंह ने महिला संगठन की कार्यकर्ताओं के साथ डीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया। आरोप लगाया कि तीन जून की तहरीर पर ही मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज की गई। इसका मतलब यही है कि सीएमओ की ओर से दी गई रिपोर्ट फर्जी और पुलिस प्रशासन को गुमराह करने वाली थी। इस आधार पर पुलिस को सीएमओ केखिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। उधर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय यादव क्रांतिवीर ने प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की।