कोर्ट ने पाया कि डीआरटी के कामकाज ठप होने से हाईकोर्ट में ऋण वसूली से जुड़े मामलों की बाढ़ आ गई है। पहले इन मामलों को जबलपुर डीआरटी में देखा जा रहा था, लेकिन 24 जून से वह व्यवस्था भी समाप्त हो चुकी है। कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह आदेश की प्रति वित्त मंत्रालय और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को भेजे। अगली सुनवाई पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया। क्योंकि, संपत्ति पहले ही बेची जा चुकी थी। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।