केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में 26 मई से अति आवश्यक मुकदमों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी, जबकि अधिकरण के सामान्य कामकाज को 31 मई तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। अधिकरण ने अतिआवश्यक मुकदमों में बहस करने के लिए एक वेब लिंक उपलब्ध कराया है, जिसके जरिए अधिवक्ता बहस कर सकते हैं। हालांकि मुकदमों का दाखिला सामान्य रीति से ही होगा जैसा कि आम दिनों में होता है।
कैट प्रशासन ने अनुरोध करने पर व्यक्तिगत उपस्थिति की भी अनुमति देने की व्यवस्था की है। मुकदमों के दाखिले और सुनवाई के लिए रजिस्ट्री तथा कोर्ट दिन में डेढ़ बजे तक खुले रहेंगे। कैट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक ने बताया कि 23 मई को बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित कर मौजूदा परिस्थितियों में अधिकरण को 31 मई तक बंद रखने का प्रस्ताव पास किया था। प्रयागराज में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और कई इलाके हॉट स्पॉट बन गए हैं, ऐसे में सामान्य सुनवाई होने पर वकीलों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसे स्वीकार करते हुए कैट प्रशासन ने अतिआवश्यक मुकदमों की सुनवाई हेतु व्यवस्था की है।
कोरोना संक्रमण से बचाव की कवायद ने मुकदमों की सुनवाई के लिए नई राह निकाल दी है। इसी का नतीजा है कि हाईकोर्ट से लेकर जिला अदालतों और एनसीएलटी तथा केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने भी अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुकदमों की सुनवाई होने लगी है। हालांकि तकनीकी तौर पर अभी कई दिक्कतें और रुकावटें हैं, मगर भविष्य में जैसे-जैसे ये कठिनाइयां दूर होती जाएंगी, सिस्टम के और बेहतर होने की उम्मीद है।