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वसंत पर आज लगेगी चौथी डुबकी

Mon, 22 Jan 2018 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माघ मेले के चौथे मुख्य स्नानपर्व वसंत पंचमी पर सोमवार को संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर स्नानार्थी डुबकी लगाएंगे। माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि का संचरण रविवार को दोपहर बाद होने के कारण सोमवार को स्नान का क्रम भोर से ही आरंभ होकर देर शाम तक चलेगा। संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर देश के कोने-कोने से आने वाले स्नानार्थियों, शिविरों में बसे कल्पवासियों सहित पर्व के पुण्यकाल में शंकराचार्य, प्रमुख संत-महात्मा भी डुबकी लगाएंगे।
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श्रद्धालुओं के लिए एक बार फिर संगम नोज सहित गंगा पट्टी और यमुना पट्टी के सभी स्नानघाटों पर बालू की बोरियां दुरुस्त करने सहित घाट के किनारे कासा बिछाया गया ताकि कीचड़ न हो सके। संगम नोज सहित गंगा और यमुना पट्टी, दोनों ही ओर जल के भीतर बैरिकेडिंग का दायरा बढ़ाया गया ताकि स्नानार्थियों के लिए ज्यादा स्नानक्षेत्र मिल सके। किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए बैरिकेडिंग के बाहर कतारबद्ध रूप से जल पुलिस की नावें लगाई गई हैं। जल के भीतर और घाट के किनारे नियमित रूप से सफाई के साथ ही रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए स्नान घाटों के करीब बड़ी संख्या में ‘चेंजिंग रूम’ की व्यवस्था की गई है।

माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि का संचरण रविवार को दोपहर 12:32 बजे ही हो गया जो सोमवार की दोपहर 12:42 बजे तक रहेगी। सोमवार को सूर्योदय के समय पंचमी तिथि होने से वसंत पंचमी के स्नानपर्व का पुण्यकाल सोमवार को पूरे दिन रहेगा। ज्योतिर्विद आचार्य अविनाश राय के मुताबिक स्नान का सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 5:43 से 7:43 बजे तक रहेगा। वहीं शुक्र अस्त होने से यज्ञोपवीत नहीं किया जा सकेगा। वसंत पर्व पर सरस्वती पूजन के साथ ही वागेश्वरी जयंती और तक्षक जयंती भी मनाई जाएगी।
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वसंत पंचमी का पर्व सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। लोग विद्या की देवी सरस्वती का पूजन-अर्चन करेंगे। शहर के मंदिरों में लोगों की भीड़ उमड़ेगी। विभिन्न संस्थाओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
रविवार को हर-हर गंगे के जयघोष के साथ विद्या की देवी सरस्वती की पूजा अर्चना की तैयारी मेला क्षेत्र में होती रही। संतों के शिविरों में गुरु मंत्र लेने के लिए श्रद्धालु पहुंच गए हैं। देवी की आराधना के लिए पीले आसन से लेकर पीले रंग का भोग बनाने की तैयारियों में संत अपने भक्तों के साथ जुटे रहे। सरस्वती पूजा के साथ ही गुरु पूजा की तैयारी में श्रद्धालु व्यस्त हैं। वहीं सुहागिनें गौरी पूजन करेंगी। शिवालयों, देवी मंदिरों में अखंड सौभाग्य के लिए विधिविधान से पूजन-अर्चन करेंगी। भोजन में कढ़ी, चावल  बनेगा।

संतों के शिविरों में सरस्वती पूजन की तैयारी देर रात तक चलती रहीं। त्रिवेणी मार्ग स्थित पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अक्षय वट मार्ग स्थित गंगा सेना शिविर में स्वामी आनंद गिरि की देखरेख में सरस्वती पूजा होगी। स्वामी नरेंद्रानंद, स्वामी महेशाश्रम, स्वामी ब्रह्माश्रम,  स्वामी अच्युत प्रपन्नाचार्य, घनश्यामाचार्य आदि के शिविरों में सरस्वती पूजा विधिविधान से की जाएगी।

माघ मेला क्षेत्र स्थित संतों के शिविरों में सरस्वती पूजन के बाद अबीर-गुलाल उड़ेगा। खाक चौक के बैरागी संत ढोल मंजीरा की थाप पर एक दूसरे को रंग लगाकर फाग गाएंगे। महामंडलेश्वर कपिल देवदास नागा के बताते हैं कि सबसे पहले भगवान को अबीर-गुलाल अर्पित किया जाएगा। इसके बाद संत भक्तों, शिष्यों के संग रंग खेलेंगे। दंडीबाड़ा दंडीनगर के संन्यासी महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम के शिविर में अबीर गुलाल एक दूसरे को लगाएंगे। फाग गाकर आनंद उत्सव मनाएंगे। आचार्य बाड़ा में स्वामी घनश्यामाचार्य के शिविर में शाम को अबीर-गुलाल से उत्सव मनाया जाएगा।  

खाक चौक के त्यागी संत वसंत पंचमी से धूना तपस्या शुरू करेंगे। धूना तपस्या खाक चौक व्यवस्था समिति के अध्यक्ष सीताराम दास महात्यागी के शिविर समेत कई त्यागी महात्माओं के शिविरों में शुरू होगी। यह तपस्या जेठ गंगा दशहरा तक लगातार चलेगी। सीतारामदास महात्यागी बताते हैं कि जहां कई त्यागी संतों की साधना का अंतिम चरण संपन्न होगा। वहीं कई संत 18 वर्ष तक चलने वाली तपस्या की शुरूआत करेंगे।
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