क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दिनभर छाए कोहरे जैसी धुंध और बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से खेतों में तैयार सरसों, गेहूं और आलू की फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।
किसानों के अनुसार, सरसों की फसल की कटाई शुरू हो गई है। एक पखवाड़े में पूरी तरह सृजन संभव है। वहीं आलू की फसल भी तैयार है और उसकी खोदाई का कार्य तेज है, लेकिनप तीन दिनों से मौसम ने ऐसी करवट ली है कि किसानों की नींद ही उड़ गई है। भगदेवरा के किसान लुद्रुर पटेल, छेदी लाल, कोराली के किसान बाबर, बेरावां के अज्जन ने बताया कि गेहूं के लिए यह मौसम कहर जैसा है। यदि बारिश के साथ हवा चली तो फसल का जमीन में लोटना तय है।
कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी संदीप पटेल ने बताया कि सरसों की तैयार फसल की कटाई और मड़ाई करने में किसान कतई विलंब न करें। जबकि तैयार हो गई आलू की फसल बिना विलंब के खेत से निकाल कर शीतगृह या अपने घरों में अवश्य सुरक्षित कर लें।