उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने शनिवार को एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान के चयनित अभ्यर्थियों की फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दीं। आयोग ने 787 अभ्यर्थियों की फाइलें भेजी हैं, जबकि 137 अभ्यर्थियों की फाइलें विभिन्न कारणों से रोक ली गईं हैं। अब महिला वर्ग की चयनित अभ्यर्थियों को अपनी फाइलें निदेशालय भेजे जाने का इंतजार है। इसके बाद निदेशालय की ओर से चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराई जाएगी और उन्हें विद्यालय आवंटित करते हुए नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में सामाजिक विज्ञान के 1854 पद थे। इनमें पुरुष वर्ग के 926 और महिला वर्ग के 928 पद शामिल हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 29 जुलाई 2018 को आयोजित की गई थी। लेकिन, पेपर लीक मामले में हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट फंस गया था, जबकि बाकी विषयों का रिजल्ट काफी पहले घोषित कर दिया गया था और उनमें चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी मिल चुकी है।
पेपर लीक मामले की जांच एसटीएफ कर रही थी। एसटीएफ की ओर से अंतिम चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद आयोग ने हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट जारी किया था। आयोग ने एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान पुरुष वर्ग का परिणाम पिछले साल 16 अक्तूबर को जारी किया था। 926 पदों के मुकाबले 924 पदों पर अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया था।
इसके बाद 23 नवंबर से तीन दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। फाइलें दो माह तक आयोग में ही पड़ी रह गईं। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कई बाद आयोग में ज्ञापन दिया और एक बार धरना-प्रदर्शन भी किया। अब पुरुष वर्ग की फाइलें निदेशालय को भेज दी गईं हैं। महिला वर्ग में 928 पदों के मुकाबले 927 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को अब अपनी फाइलें निदेशालय भेजे जाने का इंतजार है। आयोग के मीडिया प्रभारी पुष्कर श्रीवास्तव ने बताया कि पुरुष वर्ग की 787 फाइलें भेजी गईं हैं और बाकी फाइलें अभ्यर्थियों के सत्यापन में शामिल न होने या अभिलेख प्रस्तुत न कर पाने जैसे कारणों से रोकी गईं है। महिला अभ्यर्थियों की फाइलें भी जल्द ही निदेशालय को भेज दी जाएंगी।