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गोशाला में गोवंश की मौत की जांच होगी

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The dowry death will be examined in Goshala - फोटो : SIRSA
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सभी 35 जानवरों की बिजली गिरने से हुई मौत
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प्रयागराज। कांदी गांव स्थित गोशाला में मृत पशुओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। उसके अनुसार पशुओं की मौत बिजली गिरने से मौत हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सीएस शर्मा ने बताया कि सभी 35 जानवरों का पोस्टमार्टम कराया गया। उनका कहना है कि बिजली गिरने से गोशाला में भरे पानी में करंट दौड़ गया। इसकी वजह से सभी गोवंश की मौत हो गई। हालांकि, बड़ी संख्या में जानवरों के शव दलदल में फंस गए थे। उनकी मौत भी वज्रपात से बताई जा रही है।
गोशाला के तीन कर्मचारी हटाए गए
सरकार की सख्ती के बाद प्रशासन के स्तर पर भी गोशाला में पशुओं की जांच शुरू कर दी गई है। जांच एसडीएम फूलपुर को दिए जाने की बात कही जा रही है। इसके अलावा वहां संविदा पर काम कर रहे तीन कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। हालांकि, अफसर फिलहाल इस बारे में भी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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सरकार की सख्ती से अफसरों में हड़कंप
गोशाला में पशुओं की मौत पर सरकार की सख्ती से प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। कलेक्ट्रेट में देर रात तक अफसरों की बैठकें चलती रहीं। इनमें डीएम, सीडीओ, एडीएम, सभी एसडीएम, बीडीओ के अलावा संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे। जिले की प्रत्येक गोशाला मेें व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। चारा आदि संसाधन के साथ पशु चिकित्सकों की टीम भी लगा दी गई है।
नगर विकास मंत्री की ओर से जांच का आदेश दिए जाने तथा गोसेवा आयोग के सदस्यों के शनिवार को दौरे की खबर के बाद कलेक्ट्रेट के संगम सभागार में आनन-फानन में बैठक बुलाई गई। डीएम, सीडीओ की मौजूदगी में हुई मैराथन बैठक में सभी तहसील और ब्लाक के अफसर मौजूद रहे। बैठक में डीएम के तेवर काफी सख्त रहे। उन्होंने गोशालाओं में सारे इंतजाम का निर्देश दिया। करीब डेढ़ घंटे की बैठक के बाद डीएम आवास में चले गए।
उनके साथ सीडीओ तथा अन्य अफसर भी मौजूद रहे। उन लोगों के बीच देर रात तक मंत्रणा चलती रही। डीएम के जाने के बाद भी संगम सभागार में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में देर रात तक बैठक चलती रही। बैठक में गोशालाओं के रखरखाव पर विस्तार से चर्चा हुई। उधर, गोशालाओं में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने की कवायद शुरू कर दी गई। अफसरों को ब्लाक पर कैंप करने के लिए गया है। ब्लाक पर पशु चिकित्सकों की टीम भी लगा दी गई है।
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35 से कहीं अधिक जानवरों के मरने की आशंका
कांदी गांव की गोशाला में जिला प्रशासन की ओर से 35 पशुओं की मौत की पुष्टि की गई है। इसके विपरीत ग्रामीणों के अनुसार वास्तविक संख्या कहीं अधिक है। गोशाला में बने दलदल से पशुओं को निकालने का सिलसिला काफी देर तक चला। ऐसे में संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार पशुओं को ट्रक पर लादकर दूर की गोशाला में भेज दिया गया है।
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